RTI पहली अपील कैसे करें: धारा 19 और प्रारूप

30 दिन में जवाब नहीं, या आधा जवाब? नया RTI मत डालिए। एक सीढ़ी चढ़िए: वरिष्ठ अधिकारी को मुफ़्त पहली अपील, फिर सूचना आयोग।
कबRTI पहली अपील कब कर सकते हैं?
स्टेप बाय स्टेपRTI पहली अपील कैसे करें: 6 स्टेप
- 1
📅 तारीख़ें जाँचें
PIO को आवेदन मिलने की तारीख़ से 30 दिन गिनें। जवाब नहीं आया तो अपील के 30 दिन 31वें दिन से शुरू होते हैं। जवाब आया तो उसे मिलने के दिन से।
- 2
👤 प्रथम अपीलीय अधिकारी खोजें
यह उसी दफ़्तर में PIO से वरिष्ठ अधिकारी होता है। PIO के जवाब में अक्सर उसका नाम होता है; न हो तो दफ़्तर के धारा 4 वाले खुलासा पेज या नोटिस बोर्ड पर मिलेगा। "प्रथम अपीलीय अधिकारी" और दफ़्तर का पता लिखें।
- 3
📝 अपील लिखें (केंद्रीय दफ़्तरों में फ़ीस नहीं)
नीचे का प्रारूप इस्तेमाल करें। अपने RTI आवेदन, फ़ीस का सबूत, डाक रसीद और PIO का जवाब (अगर आया) की कॉपी लगाएँ। केंद्रीय नियमों में पहली अपील की कोई फ़ीस नहीं; कुछ राज्यों में है, जाँच लें।
- 4
📮 भेजें और सबूत रखें
स्पीड पोस्ट या हाथ से पावती लेकर। केंद्रीय दफ़्तरों के लिए rtionline.gov.in पर RTI पंजीकरण संख्या से "Submit First Appeal" दबाएँ।
- 5
⏱️ 30 दिन में फ़ैसला (अधिकतम 45)
अपीलीय अधिकारी को 30 दिन में, या लिखित कारण के साथ अधिकतम 45 दिन में फ़ैसला करना होता है (धारा 19(6))। सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है; आप जा सकते हैं या काग़ज़ों पर फ़ैसला माँग सकते हैं।
- 6
🏛️ फिर भी कुछ नहीं? 90 दिन में दूसरी अपील
90 दिन के भीतर केंद्रीय सूचना आयोग (केंद्रीय दफ़्तरों के लिए, cic.gov.in) या अपने राज्य सूचना आयोग में जाएँ। आयोग सूचना देने का आदेश दे सकता है और PIO पर ₹250 प्रतिदिन, अधिकतम ₹25,000 जुर्माना लगा सकता है (धारा 20)।
मुफ़्त प्रारूपRTI प्रथम अपील का प्रारूप (कॉपी करें)
ख़ाली जगह भरें, जो आधार लागू हों वही रखें, हस्ताक्षर करें और प्रतियाँ लगाएँ।
सेवा में,
प्रथम अपीलीय अधिकारी,
(सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(1) के अंतर्गत)
कार्यालय __________________
__________________ (पता)
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(1) के अंतर्गत प्रथम अपील
1. अपीलकर्ता का नाम और पता: __________________________________
2. लोक सूचना अधिकारी का नाम और पता: ___________________________
3. RTI आवेदन की तारीख़: __/__/____ फ़ीस: पोस्टल ऑर्डर / DD / ऑनलाइन संख्या ______
4. PIO के जवाब की तारीख़, यदि आया: __/__/____ (या: आज तक कोई जवाब नहीं मिला)
5. अपील के आधार:
(क) 30 दिन में कोई सूचना नहीं दी गई, जो धारा 7(2) के अंतर्गत इनकार माना जाता है।
(ख) / या बिंदु ___ पर दी गई सूचना अधूरी / भ्रामक है।
(ग) / या इनकार में धारा 8 या 9 का कोई वैध आधार नहीं बताया गया।
6. माँगी गई राहत:
(क) PIO को निर्देश दें कि सभी बिंदुओं की पूरी सूचना धारा 7(6) के अंतर्गत निःशुल्क
15 दिन में दे।
(ख) ज़रूरत हो तो संबंधित फ़ाइलों का निरीक्षण कराया जाए।
संलग्न: RTI आवेदन की प्रति, फ़ीस का सबूत, डाक रसीद, PIO का जवाब (यदि आया)।
मैं घोषणा करता / करती हूँ कि ऊपर दिए तथ्य मेरी जानकारी में सत्य हैं।
नाम: __________________ मोबाइल / ईमेल: __________________
दिनांक: __/__/2026 हस्ताक्षर: __________सीढ़ीRTI अपील की सीढ़ी: पहली अपील, दूसरी अपील, शिकायत
| चरण | कहाँ | दायर करने की सीमा | फ़ैसले का समय |
|---|---|---|---|
| RTI आवेदन | लोक सूचना अधिकारी | — | 30 दिन (जीवन/स्वतंत्रता पर 48 घंटे) |
| पहली अपील · धारा 19(1) | उसी दफ़्तर का वरिष्ठ अधिकारी | 30 दिन | 30 दिन, अधिकतम 45 |
| दूसरी अपील · धारा 19(3) | केंद्रीय / राज्य सूचना आयोग | 90 दिन | कानून में तय सीमा नहीं |
| शिकायत · धारा 18 | केंद्रीय / राज्य सूचना आयोग | PIO न हो, ज़्यादा फ़ीस, या ग़लत सूचना | — |
क़ानूनRTI अधिनियम 2005 की धारा 19
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 · धारा 19(1). कोई व्यक्ति, जिसे धारा 7 की उपधारा (1) या उपधारा (3) के खंड (क) में बताए समय के भीतर कोई निर्णय नहीं मिलता, या जो केंद्रीय या राज्य लोक सूचना अधिकारी के निर्णय से व्यथित है, उस अवधि की समाप्ति से या ऐसा निर्णय मिलने से तीस दिन के भीतर, हर लोक प्राधिकरण में केंद्रीय या राज्य लोक सूचना अधिकारी से पद में वरिष्ठ अधिकारी के पास अपील कर सकता है: परंतु वह अधिकारी तीस दिन बीतने के बाद भी अपील स्वीकार कर सकता है, यदि उसे संतोष हो कि अपीलकर्ता पर्याप्त कारण से समय पर अपील नहीं कर पाया।
धारा 19(3). उपधारा (1) के निर्णय के विरुद्ध दूसरी अपील, उस तारीख़ से नब्बे दिन के भीतर, जिस दिन निर्णय होना चाहिए था या वास्तव में मिला, केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग में होगी: …
धारा 19(6). उपधारा (1) या (2) के अधीन अपील, अपील मिलने के तीस दिन के भीतर, या लिखित कारण दर्ज करके कुल पैंतालीस दिन से अनधिक बढ़ाई गई अवधि में, निपटाई जाएगी।
PIO चुप रहे या आधा जवाब दे, तो आप उसी दफ़्तर में एक सीढ़ी ऊपर जाते हैं। उस वरिष्ठ अधिकारी के पास 30 दिन हैं। वहाँ भी बात न बने तो सूचना आयोग रेफ़री है, और वह PIO पर निजी तौर पर जुर्माना लगा सकता है।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
जैसे दुकान के कर्मचारी की शिकायत: पहले स्टोर मैनेजर के पास जाते हैं; मैनेजर भी न सुने तो उपभोक्ता फ़ोरम।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
सुनीता ने नगर निगम से अपनी गली के नाले के बिल माँगे। 30 दिन में जवाब नहीं आया। 41वें दिन उसने पहली अपील की; 25 दिन में अधिकारी ने PIO को सारी प्रतियाँ मुफ़्त देने का आदेश दिया।
संविधानअपील और संविधान
अनुच्छेद 19(1)(क): जानने का अधिकार
अपील व्यवस्था सूचना के अधिकार को अधिकारी की मेहरबानी नहीं, लागू होने वाला हक़ बनाती है।
अनुच्छेद 14: निष्पक्ष, मनमानी रहित कार्रवाई
इनकार में धारा 8 या 9 का कारण बताना ज़रूरी है; बिना कारण इनकार मनमाना है और उसे चुनौती दी जा सकती है।
अभ्यास MCQख़ुद को परखें: RTI अपील
RTI अधिनियम, 2005 की धारा 19(3) के तहत सूचना आयोग में दूसरी अपील कितने दिन में करनी होती है?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PIO 30 दिन में जवाब न दे तो क्या करें?
यह धारा 7(2) में इनकार माना जाता है। अगले 30 दिन में पहली अपील करें; धारा 7(6) के तहत सूचना मुफ़्त देने की माँग भी कर सकते हैं।
क्या RTI पहली अपील की फ़ीस है?
केंद्र सरकार के दफ़्तरों में पहली अपील की कोई फ़ीस नहीं। कुछ राज्यों में छोटी फ़ीस है; अपने राज्य के नियम देखें।
प्रथम अपीलीय अधिकारी कौन होता है?
उसी लोक प्राधिकरण में PIO से पद में वरिष्ठ अधिकारी। PIO के जवाब या दफ़्तर के धारा 4 खुलासे में उसका नाम होता है।
क्या 30 दिन बाद पहली अपील कर सकते हैं?
हाँ, अगर देरी का कारण बताएँ। धारा 19(1) का परंतुक अधिकारी को पर्याप्त कारण होने पर देर वाली अपील स्वीकार करने देता है।
क्या सूचना आयोग PIO पर जुर्माना लगा सकता है?
हाँ। धारा 20(1) में PIO को सुनकर देरी के हर दिन ₹250, अधिकतम ₹25,000 का जुर्माना लगा सकता है।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
तथ्य 23 अक्टूबर 2026 को RTI अधिनियम, 2005 (धारा 7, 18, 19, 20) से जाँचे गए। राज्यों की फ़ीस अलग हो सकती है।