मूल पाठअनुच्छेद 1 का आधिकारिक पाठ
1. संघ का नाम और राज्यक्षेत्र—
(1) भारत, अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा।
(2) राज्य और उनके राज्यक्षेत्र वे होंगे जो पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं।
(3) भारत के राज्यक्षेत्र में,—
(क) राज्यों के राज्यक्षेत्र,
(ख) पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट संघ राज्यक्षेत्र, और
(ग) ऐसे अन्य राज्यक्षेत्र जो अर्जित किए जाएँ,
समाविष्ट होंगे।
अनुच्छेद 1 दो बुनियादी सवालों का जवाब देता है: हमारे देश का नाम क्या है, और कौन-सी ज़मीन इसकी है?
नाम: हमारे देश के दो आधिकारिक नाम हैं, भारत और इंडिया। दोनों बराबर सही हैं। हिंदी पाठ कहता है "भारत, अर्थात् इंडिया" और अंग्रेज़ी पाठ कहता है "India, that is Bharat"।
राज्यों का "संघ": भारत कोई क्लब नहीं है जिसमें राज्य किसी समझौते पर दस्तख़त करके शामिल हुए हों, इसलिए कोई भी राज्य अलग होने का फ़ैसला नहीं कर सकता। डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने संविधान सभा में बताया था कि "संघ" (Union) शब्द जान-बूझकर चुना गया ताकि साफ़ रहे कि राज्यों को अलग होने का कोई अधिकार नहीं है।
ज़मीन: भारत के राज्यक्षेत्र के तीन हिस्से हैं: (क) राज्य, (ख) संघ राज्यक्षेत्र (केंद्र शासित प्रदेश) जिन्हें केंद्र सरकार सीधे चलाती है, और (ग) ऐसी कोई भी नई ज़मीन जो भारत भविष्य में हासिल करे। सभी राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों की पूरी सूची संविधान की पहली अनुसूची में है।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
एक ही बच्चे के दो नाम सोचिए: स्कूल के आई-कार्ड पर "राहुल" और घर में "मुन्ना"। बच्चा एक ही है, नाम दो। अब एक बड़े संयुक्त परिवार का घर सोचिए। हर राज्य एक कमरा है जिसे परिवार का एक सदस्य संभालता है, संघ राज्यक्षेत्र वे कमरे हैं जिन्हें दादा-दादी (केंद्र) ख़ुद संभालते हैं, और अगर परिवार बगल का प्लॉट ख़रीद ले तो वह भी घर का हिस्सा बन जाता है। लेकिन कोई भी कमरा ख़ुद को अलग मकान घोषित नहीं कर सकता।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
गोवा दिसंबर 1961 तक पुर्तगाल के शासन में था। भारत ने उसे वापस लिया तो वह अनुच्छेद 1(3)(ग) के तहत "अर्जित राज्यक्षेत्र" बना और 12वें संशोधन (1962) से संघ राज्यक्षेत्र बनाया गया। 1987 में वह पूर्ण राज्य बन गया। पुडुचेरी (फ़्रांस से) और दादरा और नगर हवेली (पुर्तगाल से) भी इसी तरह भारत के राज्यक्षेत्र में शामिल हुए।
त्वरित दोहराईयाद रखने योग्य मुख्य बातें
- भारत के दो आधिकारिक नाम हैं: भारत और इंडिया।
- भारत "राज्यों का संघ" है, इसलिए कोई राज्य अलग (पृथक) नहीं हो सकता।
- "भारत संघ" में केवल राज्य आते हैं। "भारत का राज्यक्षेत्र" इससे बड़ा है: राज्य + संघ राज्यक्षेत्र + अर्जित किया गया कोई भी क्षेत्र।
- पहली अनुसूची में हर राज्य और संघ राज्यक्षेत्र की सूची है। आज भारत में 28 राज्य और 8 संघ राज्यक्षेत्र हैं।
- संविधान सभा ने 18 सितंबर 1949 को, "भारत" नाम जोड़ने पर बहस के बाद, अनुच्छेद 1 को स्वीकार किया।
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- "संघ", "परिसंघ" नहीं: आंबेडकर ने दो कारण बताए: भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है (अमेरिका की तरह नहीं), और राज्यों को अलग होने का अधिकार नहीं है।
- संघ बनाम राज्यक्षेत्र: "भारत संघ" (केवल राज्य) बड़े "भारत के राज्यक्षेत्र" का एक हिस्सा है।
- ज़मीन देने के लिए संशोधन ज़रूरी: बेरुबारी यूनियन मामले (1960) में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय क्षेत्र किसी विदेशी देश को देने के लिए अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन चाहिए। इसी से 9वाँ संशोधन (1960) आया; 100वें संशोधन (2015) ने भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौते के लिए यही किया।
- वर्तमान संख्या: 28 राज्य और 8 संघ राज्यक्षेत्र, जनवरी 2020 में दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के एक संघ राज्यक्षेत्र में विलय के बाद।
अभ्यास प्रश्नख़ुद को परखें: अनुच्छेद 1
अनुच्छेद 1 भारत का वर्णन कैसे करता है?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हमारे देश का आधिकारिक नाम भारत है या इंडिया?
दोनों। अनुच्छेद 1 कहता है "भारत, अर्थात् इंडिया", इसलिए भारत और इंडिया एक ही देश के बराबर आधिकारिक नाम हैं।
क्या कोई राज्य भारत संघ से अलग हो सकता है?
नहीं। भारत "राज्यों का संघ" है और संविधान किसी भी राज्य को अलग होने का अधिकार नहीं देता। संसद अनुच्छेद 3 के तहत किसी राज्य की सीमा बदल सकती है, पर कोई राज्य अपने आप अलग नहीं हो सकता।
"भारत संघ" और "भारत के राज्यक्षेत्र" में क्या अंतर है?
भारत संघ में केवल राज्य आते हैं। भारत का राज्यक्षेत्र इससे बड़ा है: इसमें राज्य, संघ राज्यक्षेत्र और भारत द्वारा अर्जित कोई भी क्षेत्र शामिल है।