cybercrime.gov.in पर शिकायत कैसे करें (स्टेप बाय स्टेप)

पैसा गया: पहले 1930 पर कॉल। फिर सरकारी पोर्टल का यह 15 मिनट का फ़ॉर्म वह रिकॉर्ड बनाता है जो बैंक और पुलिस माँगेंगे।
कौन-सा विकल्पकौन-सा शिकायत विकल्प चुनें?
पैसा गया? पहले 1930
UPI, कार्ड, नेट-बैंकिंग या वॉलेट फ्रॉड में तुरंत 1930 पर कॉल करें ताकि पैसे पर होल्ड लगे। फिर पोर्टल पर शिकायत करें और 1930 वाला नंबर लिखें।
महिला / बच्चों से जुड़ा अपराध
मॉर्फ़ की गई फ़ोटो, सेक्सटॉर्शन, बच्चों का यौन कंटेंट, ऑनलाइन पीछा करना। इस हिस्से में बिना नाम बताए भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
बाक़ी साइबर अपराध
हैक हुए अकाउंट, फ़र्ज़ी प्रोफ़ाइल, नौकरी या निवेश स्कैम, रैनसमवेयर, ऑनलाइन धमकी। मोबाइल OTP लॉगिन से 'Report Cyber Crime' चुनें।
स्टेप बाय स्टेपcybercrime.gov.in पर शिकायत कैसे करें: 6 स्टेप
- 1
🌐 cybercrime.gov.in खोलें, 'File a Complaint' दबाएँ
पता ध्यान से देखें: सिर्फ़ cybercrime.gov.in। शर्तें स्वीकार करें। 'Report Women/Child Related Crime' या 'Report Cyber Crime' चुनें। साइट हिंदी में भी है।
- 2
📱 मोबाइल नंबर से लॉगिन (OTP)
अपना राज्य चुनें, नाम, मोबाइल नंबर और OTP डालें। ऐसा नंबर दें जो चालू रहेगा; अपडेट उसी पर आते हैं।
- 3
🗂️ घटना का ब्यौरा भरें
श्रेणी (जैसे 'Online Financial Fraud'), उप-श्रेणी, तारीख़ और समय, और अपने शब्दों में साफ़ ब्यौरा: क्या हुआ, क्रम से। पैसों के फ्रॉड में हर भुगतान का बैंक, ट्रांज़ैक्शन ID / UTR, राशि और तारीख़ डालें।
- 4
🕵️ संदिग्ध की जानकारी और सबूत जोड़ें
ठग के फ़ोन नंबर, UPI ID, बैंक खाते, वेबसाइट, सोशल मीडिया हैंडल। स्क्रीनशॉट, बैंक का SMS और स्टेटमेंट अपलोड करें (पोर्टल में फ़ाइल साइज़ की सीमा है, इसलिए फ़ोटो क्रॉप करें)।
- 5
✅ प्रीव्यू, सबमिट, पावती सेव करें
SMS और ईमेल पर पावती संख्या (Acknowledgement Number) आती है। PDF डाउनलोड करें। 'Track your complaint' से देखें कि शिकायत किस थाने को गई।
- 6
🚓 फ़ॉलो-अप करें, FIR लें
शिकायत आपके ज़िले के साइबर सेल को जाती है। पावती और असली काग़ज़ लेकर जाएँ। इलेक्ट्रॉनिक रूप से दी गई सूचना 3 दिन में आपके हस्ताक्षर पर FIR बनती है (धारा 173(1) BNSS)। ₹10 लाख से ज़्यादा के नुक़सान पर, जिन राज्यों में चालू है वहाँ e-Zero FIR लागू है। हमारी FIR गाइड देखें।
चेकलिस्टशिकायत से पहले सबूतों की चेकलिस्ट
क़ानूनधारा 173 BNSS: इलेक्ट्रॉनिक शिकायत से FIR
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · धारा 173(1). संज्ञेय अपराध होने से संबंधित हर सूचना, चाहे अपराध किसी भी क्षेत्र में हुआ हो, थाने के भारसाधक अधिकारी को मौखिक रूप से या इलेक्ट्रॉनिक संचार से दी जा सकती है, और यदि दी गई— (i) मौखिक रूप से, तो वह उसके द्वारा या उसके निर्देश में लिखी जाएगी और सूचना देने वाले को पढ़कर सुनाई जाएगी; और हर ऐसी सूचना, चाहे लिखित दी गई हो या ऊपर बताए अनुसार लिखी गई हो, सूचना देने वाले द्वारा हस्ताक्षरित होगी; (ii) इलेक्ट्रॉनिक संचार से, तो सूचना देने वाले द्वारा तीन दिन के भीतर हस्ताक्षर करने पर वह उसके द्वारा रिकॉर्ड पर ली जाएगी, …
नया आपराधिक प्रक्रिया कानून भारत में कहीं से भी इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजी शिकायत मानता है। पोर्टल शिकायत आपकी पहली सूचना है; तीन दिन में थाने में हस्ताक्षर करते ही यह रिकॉर्ड पर FIR बन जाती है।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
जैसे ट्रेन का टिकट ऑनलाइन बुक करके डिब्बे में ID दिखाना: बुकिंग घर से, जाँच आमने-सामने।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
मान लीजिए रवि रात 9 बजे फ़र्ज़ी कूरियर लिंक से ₹38,000 गँवाता है। 9:20 पर 1930 पर कॉल करता है, 10 बजे पोर्टल पर शिकायत, और दो दिन बाद साइबर थाने में हस्ताक्षर। जल्दी करने से काफ़ी पैसा पहले म्यूल खाते में ही होल्ड पर मिल सकता है।
संविधानसाइबर शिकायत और संविधान
अनुच्छेद 21: जीवन, स्वतंत्रता और निजता
निजता मौलिक अधिकार है (पुट्टस्वामी, 2017)। पहचान की चोरी, मॉर्फ़िंग और सेक्सटॉर्शन उस पर हमला हैं, और राज्य को असरदार उपाय देना होगा।
अनुच्छेद 14: कानून का समान संरक्षण
थाना इस बहाने शिकायत नहीं ठुकरा सकता कि फ्रॉड ऑनलाइन या दूसरे राज्य में हुआ; इसके लिए ज़ीरो FIR है।
अभ्यास MCQख़ुद को परखें: साइबर शिकायत
BNSS, 2023 की धारा 173(1) के तहत इलेक्ट्रॉनिक संचार से दी गई संज्ञेय अपराध की सूचना कब रिकॉर्ड पर ली जाती है, जब सूचना देने वाला उस पर हस्ताक्षर करे:
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या cybercrime.gov.in की शिकायत FIR है?
अपने आप नहीं। यह पुलिस को जाती है, जो इसे जाँचती है। यह FIR तब बनती है जब दर्ज हो, धारा 173(1) BNSS में 3 दिन में आपके हस्ताक्षर के बाद, या जिन राज्यों में चालू है वहाँ बड़ी रक़म पर e-Zero FIR से अपने आप।
क्या बिना नाम बताए शिकायत कर सकते हैं?
हाँ, महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों (जैसे बच्चों का यौन कंटेंट या अश्लील सामग्री) के लिए। बाक़ी शिकायतों में मोबाइल OTP लॉगिन चाहिए।
साइबर शिकायत कैसे ट्रैक करें?
cybercrime.gov.in पर लॉगिन करके पावती संख्या से 'Track your complaint' देखें।
1930 पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत?
पैसों के फ्रॉड में दोनों, इसी क्रम में। 1930 से पैसे पर जल्दी होल्ड लगता है; पोर्टल शिकायत पूरा मामला दर्ज करती है।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
स्टेप 23 अक्टूबर 2026 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और धारा 173 BNSS से जाँचे गए। स्क्रीन बदल सकती है; स्टेप का क्रम वही रहता है।