फ़र्ज़ी पुलिस या CBI कॉल आए तो क्या करें

कोई पुलिस, CBI, ED, कस्टम या TRAI अधिकारी वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार नहीं करता, न पैसा ट्रांसफ़र करवाता है। कॉल काटें, जाँचें, परिवार को बताएँ, रिपोर्ट करें।
5 संकेतफ़र्ज़ी पुलिस या CBI कॉल के 5 संकेत
पैसा माँगते हैं
'सिक्योरिटी डिपॉज़िट', 'वेरिफ़िकेशन', 'सेटलमेंट', 'ज़मानत'। कोई पुलिस अधिकारी या अदालत कॉल पर UPI या ट्रांसफ़र से पैसा नहीं लेती।
वीडियो पर रोककर रखते हैं
'आप डिजिटल अरेस्ट में हैं, कॉल मत काटिए।' भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं है।
राज़ रखने को कहते हैं
'परिवार को मत बताइए, यह गोपनीय केस है।' असली जाँच कभी परिवार या वकील से बात करने से नहीं रोकती।
पार्सल, सिम या आधार का 'दुरुपयोग'
'आपके कूरियर में ड्रग्स मिले', 'TRAI आपका सिम बंद करेगा', 'आपका आधार मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है'।
वर्दी, ID कार्ड और WhatsApp पर कोर्ट ऑर्डर
पीछे नक़ली थाने का सेट, मोहर वाले जाली वारंट। सरकारी दिखना ही चाल है।
स्टेप बाय स्टेपफ़र्ज़ी पुलिस कॉल आए तो क्या करें: 5 स्टेप
- 1
📵 कॉल काटें
आप कभी भी कानूनी तौर पर फ़ोन या वीडियो कॉल पर रुकने को बाध्य नहीं हैं। कॉल काटें, उसी नंबर पर वापस कॉल न करें।
- 2
🔎 ख़ुद जाँचें
राज्य पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट से थाने का नंबर लें या 112 डायल करें, और पूछें कि आपके नाम कोई केस या नोटिस है या नहीं। असली धारा 35(3) BNSS का नोटिस आपको ख़ुद हाज़िर होने को कहता है; अदालत का समन अदालत से आता है। कोई भी पैसा नहीं माँगता।
- 3
👨👩👧 परिवार को बताएँ
ठग आपको अकेला करके जीतते हैं। एक व्यक्ति को बताते ही अक्सर स्कैम ख़त्म हो जाता है।
- 4
🛡️ चक्षु पर नंबर रिपोर्ट करें
sancharsaathi.gov.in → चक्षु पर नंबर, WhatsApp अकाउंट या SMS रिपोर्ट करें। दूरसंचार विभाग नंबर और उससे जुड़े हैंडसेट बंद कर सकता है। - 5
☎️ पैसा दे दिया? 1930 और पोर्टल
तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। देखें UPI फ्रॉड में पैसा वापस कैसे पाएँ और हमारी डिजिटल अरेस्ट गाइड।
असली बनाम नक़लीअसली पुलिस नोटिस बनाम स्कैम कॉल
| असली पुलिस / अदालत | ठग कॉलर | |
|---|---|---|
| संपर्क कैसे | लिखित नोटिस या समन, ख़ुद आकर या अदालत की इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया से | WhatsApp या Skype वीडियो कॉल, अक्सर +91 जैसे दिखने वाले या अनजान नंबर से |
| क्या माँगते हैं | तय तारीख़ पर थाने या अदालत में हाज़िर होना | पैसा ट्रांसफ़र, OTP, बैंक विवरण, कैमरे पर रहना |
| गिरफ़्तारी | सिर्फ़ आमने-सामने, कारण बताकर, परिवार को सूचना, और 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी | 'डिजिटल अरेस्ट', जो होता ही नहीं |
| गोपनीयता | आप वकील से सलाह ले सकते हैं और परिवार को बता सकते हैं | 'किसी को मत बताना' |
क़ानूनधारा 204 BNS और धारा 66D IT एक्ट
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · धारा 204. लोक सेवक का प्रतिरूपण। जो कोई यह जानते हुए कि वह किसी लोक सेवक का कोई विशेष पद धारण नहीं करता, ऐसा पद धारण करने का दिखावा करता है, या ऐसा पद धारण करने वाले किसी अन्य व्यक्ति का झूठा प्रतिरूपण करता है, और उस बनावटी हैसियत में उस पद के नाम पर कोई कार्य करता है या करने का प्रयत्न करता है, वह किसी भी भाँति के कारावास से, जिसकी अवधि छह महीने से कम नहीं होगी पर तीन वर्ष तक हो सकेगी, और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 · धारा 66D. जो कोई किसी संचार उपकरण या कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से प्रतिरूपण द्वारा छल करता है, वह किसी भी भाँति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी दायी होगा।
पुलिस अधिकारी होने का दिखावा अपने आप में अपराध है, धारा 204 BNS में कम से कम छह महीने की जेल। फ़ोन या वीडियो कॉल पर ऐसा करके ठगना IT एक्ट की धारा 66D में भी अपराध है। अपराधी कॉल करने वाला है, आप नहीं।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
असली डॉक्टर WhatsApp वीडियो कॉल पर बीमारी बताने से पहले फ़ीस नहीं माँगता। असली अधिकारी 'नाम साफ़ करने' के लिए पैसा नहीं माँगता।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
मान लीजिए एक 'CBI अफ़सर' एक रिटायर्ड शिक्षिका से कहता है कि उनके नाम ड्रग्स वाला पार्सल बुक हुआ है और खाते 'वेरिफ़ाई' करने के लिए ₹5 लाख माँगता है। वे कॉल काटती हैं, 112 डायल करती हैं, पता चलता है कोई केस नहीं, और चक्षु पर नंबर रिपोर्ट करती हैं।
संविधानगिरफ़्तारी, स्वतंत्रता और संविधान
अनुच्छेद 22: गिरफ़्तारी पर संरक्षण
असली गिरफ़्तारी का मतलब है कारण बताना, वकील का अधिकार और 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी। वीडियो कॉल इनमें से कुछ नहीं कर सकती।
अनुच्छेद 21: व्यक्तिगत स्वतंत्रता
कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना किसी की स्वतंत्रता नहीं छीनी जा सकती; धमकी देकर कैमरे पर रोकना कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं।
अभ्यास MCQख़ुद को परखें: स्कैम कॉल
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कौन-सी धारा लोक सेवक का प्रतिरूपण करने पर न्यूनतम छह महीने की सज़ा देती है?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पुलिस वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार कर सकती है?
नहीं। गिरफ़्तारी के लिए शारीरिक हिरासत, कारण बताना, परिवार को सूचना और 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी ज़रूरी है। 'डिजिटल अरेस्ट' एक स्कैम है।
पुलिस नोटिस असली है या नहीं, कैसे जाँचें?
बताए गए थाने को राज्य पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट वाले नंबर से कॉल करें, या 112 डायल करें। असली नोटिस हाज़िर होने को कहता है; पैसा कभी नहीं माँगता।
फ़र्ज़ी कॉल का नंबर कहाँ रिपोर्ट करें?
sancharsaathi.gov.in पर चक्षु में। पैसा गया हो तो 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
क्या पुलिस अफ़सर बनने का दिखावा अपराध है?
हाँ। धारा 204 BNS: 6 महीने से 3 साल और जुर्माना। फ़ोन या कंप्यूटर से प्रतिरूपण कर ठगी पर धारा 66D IT एक्ट भी लगती है।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
तथ्य 23 अक्टूबर 2026 को India Code पर BNS 2023, BNSS 2023 और IT एक्ट 2000, और संचार साथी व cybercrime.gov.in पोर्टल से जाँचे गए।