Bharatiya Sansad aur British Sansad me Antar: संप्रभुता, दो सदन और 10 मुख्य अंतर

भारत ने संसदीय मॉडल वेस्टमिंस्टर से लिया, पर उसकी संसद ब्रिटेन की तरह संप्रभु नहीं है। क्या समान है, क्या अलग, और सुप्रीम कोर्ट संसद का पास किया क़ानून क्यों रद्द कर सकता है।
छोटा जवाबBharatiya Sansad aur British Sansad me Antar: आसान शब्दों में
छोटा जवाब: भारत ने ब्रिटिश संसद का ढाँचा लिया (दो सदन, निचले सदन के प्रति उत्तरदायी मंत्रिमंडल, स्पीकर, प्रश्नकाल), पर उसकी सर्वोच्चता नहीं ली। ब्रिटिश संसद संप्रभु है: वह कोई भी क़ानून बना या ख़त्म कर सकती है और कोई अदालत उसका Act रद्द नहीं कर सकती। भारतीय संसद सिर्फ़ संविधान के दायरे में सर्वोच्च है: अदालतें उसके क़ानून रद्द कर सकती हैं (अनुच्छेद 13, 32), और मूल ढाँचा तोड़ने पर उसके संशोधन भी।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
ब्रिटिश संसद घर के उस बुज़ुर्ग जैसी है जिसकी बात आख़िरी है। भारतीय संसद भी ताक़तवर बुज़ुर्ग है, पर परिवार के पास लिखी हुई वसीयत (संविधान) और एक रेफ़री (सुप्रीम कोर्ट) है जो कह सकता है "यह फ़ैसला वसीयत के ख़िलाफ़ है"।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
2015 में सुप्रीम कोर्ट ने 99वाँ संशोधन (NJAC) रद्द कर दिया, जो दोनों सदनों ने पास किया था और राज्यों ने अनुमोदित किया था। ब्रिटिश संसद के किसी Act के साथ ऐसा नहीं हो सकता।
अनुच्छेद 79अनुच्छेद 79: भारत और ब्रिटेन में संसद किससे बनती है
अनुच्छेद 79. संघ के लिए एक संसद होगी जो राष्ट्रपति और दो सदनों से मिलकर बनेगी जिनके नाम राज्य सभा और लोक सभा होंगे।
दोनों संसदों के तीन हिस्से हैं। भारत: राष्ट्रपति + राज्यसभा + लोकसभा। ब्रिटेन: क्राउन (राजा) + हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स + हाउस ऑफ़ कॉमन्स। दोनों में राष्ट्र प्रमुख संसद का हिस्सा है क्योंकि उसकी मंज़ूरी के बिना कोई बिल क़ानून नहीं बनता, पर दोनों में वह मंत्रियों की सलाह पर चलता है। ब्रिटिश राजा ने 1708 के बाद से कभी मंज़ूरी नहीं रोकी।
अंतर टेबलभारतीय और ब्रिटिश संसद में 10 अंतर
| बिंदु | 🇮🇳 भारतीय संसद | 🇬🇧 ब्रिटिश संसद |
|---|---|---|
| शक्ति का स्रोत | लिखित संविधान | परंपराएँ, क़ानून, कॉमन लॉ (एक लिखित संविधान नहीं) |
| सर्वोच्चता | सीमित: क़ानून रद्द हो सकते हैं | संप्रभु: अदालत Act रद्द नहीं कर सकती |
| निचला सदन | लोकसभा: 543 चुने हुए, 5 साल | हाउस ऑफ़ कॉमन्स: 650 चुने हुए, अधिकतम 5 साल |
| ऊपरी सदन | राज्यसभा: अधिकतम 250 (238 विधायकों से चुने + 12 मनोनीत); स्थायी, हर 2 साल 1/3 सेवानिवृत्त | हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स: लगभग 800 आजीवन सदस्य, कुछ वंशानुगत सदस्य और 26 बिशप; कोई चुना हुआ नहीं |
| धन विधेयक पर ऊपरी सदन | सिर्फ़ 14 दिन रोक सकती है (अनु. 109) | सिर्फ़ एक महीना रोक सकता है (Parliament Act 1911) |
| अन्य बिलों पर ऊपरी सदन | बराबर शक्ति; गतिरोध पर संयुक्त बैठक (अनु. 108) | लगभग एक साल रोक सकता है; फिर कॉमन्स अकेले पास करता है (Parliament Act 1949) |
| संघीय भूमिका | राज्यसभा राज्यों की प्रतिनिधि; अनु. 249, 312 की शक्तियाँ | नहीं (एकात्मक देश) |
| संविधान संशोधन | विशेष बहुमत, कभी राज्य भी (अनु. 368) | संसद का साधारण Act काफ़ी |
| स्पीकर | पार्टी सदस्य बने रहते हैं; सदन चुनता है | पार्टी छोड़ देते हैं; परंपरा से अपनी सीट पर विरोध नहीं |
| सर्वोच्च अदालत | सुप्रीम कोर्ट, 1950 से संसद से अलग | UK सुप्रीम कोर्ट 2009 से; पहले Law Lords हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में बैठते थे |
संप्रभुतासंसदीय संप्रभुता बनाम संविधान की सर्वोच्चता
ब्रिटिश संसद संप्रभु क्यों
- उसके ऊपर कोई लिखित संविधान नहीं
- एक संसद अगली संसद को बाँध नहीं सकती
- अदालतें क़ानून को अधिकारों से "असंगत" कह सकती हैं (Human Rights Act 1998), रद्द नहीं कर सकतीं
- एकात्मक देश: शक्ति बाँटने को राज्य नहीं
भारतीय संसद संप्रभु क्यों नहीं
- लिखित और सर्वोच्च संविधान
- मौलिक अधिकार उसे सीमित करते हैं (अनु. 13)
- संघीय बँटवारा: सामान्य समय में राज्य सूची पर क़ानून नहीं
- न्यायिक समीक्षा और मूल ढाँचा (केशवानंद भारती, 1973)
क्या लियाभारत ने ब्रिटिश संसद से क्या लिया और क्या जोड़ा
- भारत के अपने जोड़: शून्यकाल (1962 से), संयुक्त बैठक, कला-विज्ञान के मनोनीत सदस्य, SC/ST आरक्षित सीटें, दलबदल विरोधी क़ानून (दसवीं अनुसूची, 1985)।
- भारत क्या सीख सकता है: ज़्यादा बैठकें (कॉमन्स साल में लगभग 150 दिन बैठता है; लोकसभा अक्सर 70 से कम), मज़बूत समितियाँ और निष्पक्ष स्पीकर की परंपरा।
- उधार ली गई सभी विशेषताएँ: Bhartiya samvidhan ke srot। विपक्ष और छाया मंत्रिमंडल: Shadow cabinet kya hai।
झटपट दोहरावएक-लाइन रिवीज़न पॉइंट (परीक्षा के लिए)
- ब्रिटेन: संसदीय संप्रभुता (डाइसी); भारत: संविधान की सर्वोच्चता।
- भारत की संसद: राष्ट्रपति + राज्यसभा + लोकसभा (अनु. 79)।
- हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स चुना नहीं जाता; राज्यसभा विधायक चुनते हैं।
- संयुक्त बैठक: अनु. 108, सिर्फ़ भारत में।
- शून्यकाल: भारत की देन, 1962।
- UK सुप्रीम कोर्ट 2009 से।
अभ्यास MCQअभ्यास MCQ (उत्तर सहित): भारतीय और ब्रिटिश संसद
संसदीय संप्रभुता का सिद्धांत किससे जुड़ा है?
कौन-सा प्रावधान भारत में है पर ब्रिटिश संसद में नहीं?
राज्यसभा धन विधेयक को कितने दिन रोक सकती है?
भारतीय संसद में शून्यकाल कब शुरू हुआ?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या भारतीय संसद संप्रभु है?
नहीं। वह संविधान की सीमा में सर्वोच्च है। मौलिक अधिकार या मूल ढाँचा तोड़ने वाले उसके क़ानून और संशोधन अदालतें रद्द कर सकती हैं।
हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स क्या है?
ब्रिटेन का ऊपरी सदन। इसके सदस्य आजीवन मनोनीत होते हैं, साथ में कुछ वंशानुगत सदस्य और चर्च ऑफ़ इंग्लैंड के 26 बिशप। यह ज़्यादातर बिलों को सिर्फ़ रोक सकता है।
राज्यसभा हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स से ज़्यादा मज़बूत क्यों है?
वह चुनी जाती है, राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है, साधारण और संविधान संशोधन बिलों पर बराबर शक्ति रखती है, और अनुच्छेद 249 व 312 की विशेष शक्तियाँ रखती है।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
भारत के संविधान, ब्रिटिश संसद के प्रकाशनों और Parliament Acts 1911 व 1949 से जाँचा गया। अनुच्छेद 79 का हिंदी पाठ आधिकारिक हिंदी संस्करण से।