भारतीय संविधान के स्रोत: 10 देशों और भारत शासन अधिनियम 1935 से ली गई विशेषताएँ

कौन-सी विशेषता किस देश से आई? एक साफ़ तालिका, भारत शासन अधिनियम 1935 की व्याख्या, याद रखने की आसान ट्रिक, परीक्षा की आम ग़लतियाँ और संविधान की प्रमुख विशेषताएँ।
अनुच्छेद 395भारतीय संविधान के स्रोत: इसे 'उधार का थैला' क्यों कहते हैं
395. निरसन। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत शासन अधिनियम, 1935 को, उस (1935 वाले) अधिनियम में संशोधन या उसकी पूर्ति करने वाले सभी अधिनियमों के साथ, इसके द्वारा निरस्त किया जाता है; किंतु प्रिवी कौंसिल अधिकारिता उत्सादन अधिनियम, 1949 इसमें शामिल नहीं है।
अनुच्छेद 395 संविधान का अंतिम अनुच्छेद है। यह उन दो ब्रिटिश क़ानूनों को ख़त्म करता है जिनसे 1950 तक भारत चलता था: भारत शासन अधिनियम, 1935 और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947। पर किसी क़ानून को ख़त्म करना उसके विचारों को फेंक देना नहीं है। 1935 के अधिनियम की लगभग दो-तिहाई व्यवस्था (राज्यपाल, संघीय सूचियाँ, आपात शक्तियाँ, लोक सेवा आयोग) हमारे अपने संविधान में नए सिरे से लिखी गई। निर्माताओं ने दुनिया के लगभग 60 संविधानों का अध्ययन किया और हर एक से सबसे कारगर विचार चुने। इसीलिए भारतीय संविधान के स्रोत परीक्षा का पसंदीदा सवाल हैं।
यह अंधी नक़ल नहीं थी। हर विचार को भारत की ज़रूरतों के हिसाब से ढाला गया: अमेरिका से न्यायिक पुनरावलोकन लिया, पर संसद की शक्ति भी बनाए रखी; कनाडा से मज़बूत केंद्र लिया, पर राज्यों को अपनी सूची और चुनी हुई सरकारें दीं।
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🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
जब किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन पर बहस होती है, तो राज्यपाल की रिपोर्ट और अनुच्छेद 356 सीधे भारत शासन अधिनियम, 1935 की धारा 93 से जुड़ते हैं। डॉ. आंबेडकर ने सभा में इसका बचाव करते हुए कहा था कि उधार लेने में शर्म की कोई बात नहीं।
देशवार तालिकाभारतीय संविधान के स्रोत: देशवार तालिका (किस देश से क्या लिया)
| स्रोत | ली गई विशेषताएँ | हमारे संविधान में कहाँ |
|---|---|---|
| भारत शासन अधिनियम, 1935 | संघीय ढाँचा, राज्यपाल का पद, न्यायपालिका, लोक सेवा आयोग, आपात उपबंध, प्रशासनिक ब्योरे | सातवीं अनुसूची की सूचियाँ, अनुच्छेद 153 से 162, 315, 352 से 360 |
| ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) | संसदीय शासन, विधि का शासन, विधायी प्रक्रिया, एकल नागरिकता, मंत्रिमंडल प्रणाली, परमाधिकार रिट, संसदीय विशेषाधिकार, द्विसदनीय व्यवस्था | अनुच्छेद 74, 75, 79, 105; रिट अनुच्छेद 32 और 226 में |
| संयुक्त राज्य अमेरिका | मौलिक अधिकार, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायिक पुनरावलोकन, राष्ट्रपति पर महाभियोग, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों को हटाना, उपराष्ट्रपति का पद, लिखित प्रस्तावना | भाग III, अनुच्छेद 13, 61, 63, 124(4) |
| आयरलैंड | राज्य के नीति निदेशक तत्व, राज्यसभा में सदस्यों का मनोनयन, राष्ट्रपति के चुनाव की पद्धति | भाग IV (अनुच्छेद 36 से 51), अनुच्छेद 80(1)(क), 55 |
| कनाडा | मज़बूत केंद्र वाला संघ, अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास, राज्यपालों की नियुक्ति केंद्र द्वारा, सुप्रीम कोर्ट का सलाहकारी क्षेत्राधिकार | अनुच्छेद 1, 248, 155, 143 |
| ऑस्ट्रेलिया | समवर्ती सूची, व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता, संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक | सातवीं अनुसूची की सूची III, अनुच्छेद 301, 108 |
| जर्मनी (वाइमर संविधान) | आपातकाल में मौलिक अधिकारों का निलंबन | अनुच्छेद 358, 359 |
| सोवियत संघ (पूर्व USSR) | मौलिक कर्तव्य, प्रस्तावना में न्याय (सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक) का आदर्श | अनुच्छेद 51A (भाग IVA), प्रस्तावना |
| फ़्रांस | गणराज्य, प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श | प्रस्तावना |
| दक्षिण अफ़्रीका | संविधान संशोधन की प्रक्रिया, राज्यसभा सदस्यों का चुनाव | अनुच्छेद 368, अनुच्छेद 80(4) |
| जापान | 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' | अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता) |
सबसे बड़ा स्रोतभारत शासन अधिनियम 1935: संविधान का सबसे बड़ा स्रोत
भारत शासन अधिनियम, 1935 भारतीय संविधान का सबसे बड़ा अकेला स्रोत है। उस समय यह ब्रिटिश संसद का सबसे लंबा अधिनियम था और इसने भारत को विस्तृत प्रशासनिक ढाँचा दिया। हमारे निर्माताओं ने जो काम का था वह रखा और जो औपनिवेशिक था वह हटाया।
- संघीय ढाँचा और तीन सूचियाँ: 1935 के अधिनियम में संघीय सूची, प्रांतीय सूची और समवर्ती सूची थी। यही सातवीं अनुसूची की संघ, राज्य और समवर्ती सूचियाँ बनीं।
- राज्यपाल का पद: प्रांत के संवैधानिक प्रमुख के रूप में राज्यपाल, राज्य के प्रमुख के रूप में जारी रहा।
- संघीय न्यायालय से सुप्रीम कोर्ट: संघीय न्यायालय (1937 में बना) केंद्र-राज्य विवादों पर सुप्रीम कोर्ट के मूल क्षेत्राधिकार का आदर्श बना।
- लोक सेवा आयोग: संघीय और प्रांतीय लोक सेवा आयोग ही UPSC और राज्य लोक सेवा आयोग बने।
- आपात उपबंध: धारा 93 (प्रांत में शासन तंत्र की विफलता) ही अनुच्छेद 356 की पूर्वज है। आपातकाल के तीन प्रकार पढ़ें।
- क्या नहीं रखा गया: द्वैध शासन, पृथक निर्वाचक मंडल, गवर्नर-जनरल की विशेष ज़िम्मेदारियाँ और रियासतों वाला संघ जो कभी बना ही नहीं।
याद रखने की ट्रिकभारतीय संविधान के स्रोत याद करने की आसान ट्रिक
परीक्षा हॉल में भारतीय संविधान के स्रोत याद रखने की आसान ट्रिक:
ब्रिटेन: 'संसद कैसे चले'
ब्रिटेन से वह सब जो संसद चलाने से जुड़ा है: संसदीय शासन, मंत्रिमंडल, द्विसदनीय संसद, विधायी प्रक्रिया, संसदीय विशेषाधिकार, साथ में विधि का शासन, एकल नागरिकता और रिट। सूत्र: 'संसद, सदन, सरकार: सब ब्रिटेन से'।
अमेरिका: 'अधिकार और अदालत'
वह सब जो सरकार से आपकी रक्षा करता है: मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, स्वतंत्र न्यायपालिका, राष्ट्रपति पर महाभियोग, जजों को हटाना, और उपराष्ट्रपति। सूत्र: 'अमेरिका ने अधिकार दिए, अदालत ने रखवाली की'।
आयरलैंड: 'निदेशक, नामांकन, निर्वाचन'
तीन 'न': नीति निदेशक तत्व, राज्यसभा में 12 सदस्यों का नामांकन, राष्ट्रपति का निर्वाचन। सूत्र: 'आयरलैंड के तीन न'।
कनाडा: 'मज़बूत केंद्र'
चारों बातें केंद्र को ताक़त देती हैं: मज़बूत केंद्र, अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र को, राज्यपाल की नियुक्ति केंद्र करे, और सुप्रीम कोर्ट की सलाह (अनुच्छेद 143)। सूत्र: 'कनाडा = केंद्र'।
ऑस्ट्रेलिया: 'साझा सूची, साझी बैठक, खुला व्यापार'
ऑस्ट्रेलिया से सब कुछ 'साझा': साझा (समवर्ती) सूची, दोनों सदनों की साझी (संयुक्त) बैठक, और पूरे देश में खुला व्यापार।
एक-एक विशेषता वाले देश
जापान: विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया। जर्मनी: आपातकाल में अधिकार निलंबित। सोवियत संघ: मौलिक कर्तव्य। फ़्रांस: गणराज्य + स्वतंत्रता, समता, बंधुता। दक्षिण अफ़्रीका: संशोधन प्रक्रिया + राज्यसभा चुनाव।
आम ग़लतियाँ
- 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' जापान से है, अमेरिका से नहीं (अमेरिका में 'विधि की सम्यक् प्रक्रिया' है)
- समवर्ती सूची ऑस्ट्रेलिया से; अवशिष्ट शक्तियाँ कनाडा से
- विधि का शासन ब्रिटिश है, पर न्यायिक पुनरावलोकन अमेरिकी
यह मोड़ याद रखें
- रिट: विचार ब्रिटिश (परमाधिकार रिट) है, पर अनुच्छेद 32 के तहत अदालत जाने का अधिकार हमारा अपना मौलिक अधिकार है
- गणराज्य और 'स्वतंत्रता, समता, बंधुता' फ़्रांसीसी; 'सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय' रूसी
- राज्यसभा में मनोनयन आयरिश, पर राज्यसभा का चुनाव दक्षिण अफ़्रीकी
मुख्य विशेषताएँभारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ और उनके स्रोत
| मुख्य विशेषता | इसका अर्थ | स्रोत से जुड़ाव |
|---|---|---|
| दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान | मूल रूप में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ; आज लगभग 470 अनुच्छेद, 25 भाग, 12 अनुसूचियाँ और 106 संशोधन (अक्टूबर 2026 तक)। | भारत शासन अधिनियम, 1935 जैसा विस्तृत |
| एकात्मक झुकाव वाला संघीय | सरकार के दो स्तर, पर केंद्र मज़बूत: एक संविधान, एकल नागरिकता, अखिल भारतीय सेवाएँ, आपात शक्तियाँ। के. सी. व्हेयर ने इसे 'अर्ध-संघीय' कहा। | कनाडा + भारत शासन अधिनियम, 1935 |
| संसदीय शासन प्रणाली | असली शक्ति मंत्रिपरिषद के पास, जो सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है; राष्ट्रपति नाममात्र का प्रमुख। | ब्रिटेन |
| कठोरता और लचीलेपन का मेल | कुछ हिस्से साधारण बहुमत से, कुछ विशेष बहुमत से, और कुछ के लिए आधे राज्यों की सहमति भी चाहिए (अनुच्छेद 368)। | दक्षिण अफ़्रीका (प्रक्रिया) |
| संसदीय संप्रभुता + न्यायिक सर्वोच्चता का संतुलन | संसद संशोधन कर सकती है, अदालत समीक्षा कर सकती है; मूल ढाँचा सिद्धांत संतुलन बनाए रखता है। | ब्रिटेन + अमेरिका |
| एकीकृत और स्वतंत्र न्यायपालिका | एक ही क्रम: सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, अधीनस्थ अदालतें, जो केंद्र और राज्य दोनों के क़ानून लागू करती हैं। | भारत शासन अधिनियम, 1935 + अमेरिका |
| मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व और कर्तव्य | लागू कराने योग्य अधिकार (भाग III), न लागू कराने योग्य दिशानिर्देश (भाग IV) और नागरिकों के कर्तव्य (भाग IVA, 1976 में जोड़ा)। | अमेरिका + आयरलैंड + सोवियत संघ |
| पंथनिरपेक्ष राज्य, सार्वभौम वयस्क मताधिकार, एकल नागरिकता | कोई राजकीय धर्म नहीं; 18 साल से ऊपर हर नागरिक को वोट (61वें संशोधन, 1988 से 21 से घटाकर); पूरे देश के लिए एक नागरिकता। | भारत का अपना चुनाव + ब्रिटेन (नागरिकता) |
आपस में जोड़ेंसंविधान के स्रोत बाक़ी हिस्सों से कैसे जुड़ते हैं
- प्रस्तावना के आदर्शों के अपने स्रोत हैं (फ़्रांस, सोवियत संघ, अमेरिका): पूरी भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ें।
- उधार किसने लिया और कितना समय लगा: संविधान सभा और संविधान निर्माण।
- अधिकारों का अमेरिकी विचार भाग III में है: मूल अधिकारों का अवलोकन, अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 19 से शुरू करें।
- आयरिश स्रोत विस्तार से: राज्य के नीति निदेशक तत्व। सोवियत स्रोत विस्तार से: मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A)।
- ब्रिटिश रिट भारतीय उपचार बनीं: रिट के प्रकार। दक्षिण अफ़्रीकी संशोधन विचार: महत्वपूर्ण संशोधन।
- स्रोतों और विशेषताओं पर ख़ुद को दैनिक MCQ क्विज़ में परखें।
झटपट दोहरावएक-लाइन रिवीज़न पॉइंट (परीक्षा के लिए)
- सबसे बड़ा अकेला स्रोत: भारत शासन अधिनियम, 1935 (संघीय ढाँचा, राज्यपाल, लोक सेवा आयोग, आपातकाल)।
- ब्रिटेन: संसदीय प्रणाली, विधि का शासन, एकल नागरिकता, मंत्रिमंडल, रिट, द्विसदनीय व्यवस्था।
- अमेरिका: मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, महाभियोग, उपराष्ट्रपति, स्वतंत्र न्यायपालिका।
- आयरलैंड: नीति निदेशक तत्व, राज्यसभा मनोनयन, राष्ट्रपति चुनाव पद्धति।
- कनाडा: मज़बूत केंद्र, अवशिष्ट शक्तियाँ, केंद्र द्वारा राज्यपाल की नियुक्ति, सुप्रीम कोर्ट का सलाहकारी क्षेत्राधिकार।
- ऑस्ट्रेलिया: समवर्ती सूची, संयुक्त बैठक, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता।
- जर्मनी (वाइमर): आपातकाल में मौलिक अधिकारों का निलंबन।
- सोवियत संघ: मौलिक कर्तव्य; फ़्रांस: गणराज्य, स्वतंत्रता-समता-बंधुता।
- दक्षिण अफ़्रीका: संशोधन प्रक्रिया, राज्यसभा चुनाव; जापान: विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया।
- अनुच्छेद 395 ने भारत शासन अधिनियम 1935 और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 को निरस्त किया।
अभ्यास MCQअभ्यास MCQ (उत्तर सहित): संविधान के स्रोत
भारतीय संविधान में राज्य के नीति निदेशक तत्वों का विचार कहाँ से लिया गया?
कौन-सा युग्म ग़लत सुमेलित है?
आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन किस संविधान से लिया गया?
भारतीय संविधान में सबसे अधिक उपबंध किस स्रोत से आए?
संविधान संशोधन की प्रक्रिया और राज्यसभा सदस्यों का चुनाव कहाँ से लिया गया?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय संविधान के मुख्य स्रोत क्या हैं?
सबसे बड़ा स्रोत भारत शासन अधिनियम, 1935 है। अन्य स्रोत ब्रिटेन, अमेरिका, आयरलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी (वाइमर), सोवियत संघ, फ़्रांस, दक्षिण अफ़्रीका और जापान के संविधान हैं।
भारतीय संविधान को 'उधार का थैला' क्यों कहते हैं?
क्योंकि इसने कई विशेषताएँ दूसरे संविधानों और 1935 के अधिनियम से लीं। पर निर्माताओं ने हर विचार को भारतीय परिस्थितियों के अनुसार ढाला, इसलिए यह एक मौलिक दस्तावेज़ है।
ब्रिटिश संविधान से कौन-सी विशेषताएँ ली गईं?
संसदीय शासन, विधि का शासन, विधायी प्रक्रिया, एकल नागरिकता, मंत्रिमंडल प्रणाली, परमाधिकार रिट, संसदीय विशेषाधिकार और द्विसदनीय व्यवस्था।
मौलिक कर्तव्य कहाँ से लिए गए?
पूर्व सोवियत संघ के संविधान से। इन्हें 42वें संशोधन, 1976 द्वारा अनुच्छेद 51A के रूप में जोड़ा गया।
भारतीय संविधान संघीय है या एकात्मक?
यह रूप में संघीय है पर एकात्मक झुकाव के साथ: सरकार के दो स्तर हैं, पर मज़बूत केंद्र, एकल नागरिकता और आपात शक्तियाँ इसे एकात्मक व्यवस्था की तरह भी चला सकती हैं।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
अनुच्छेद 395 का पाठ भारत का संविधान (विधायी विभाग) से; हिंदी सरल रूपांतर है। तथ्य 18 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए।