संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन: परीक्षा के लिए पूरी सूची और अनुच्छेद 368

76 साल में 106 संशोधन अधिनियम। अनुच्छेद 368 कैसे काम करता है (साधारण, विशेष बहुमत और अनुसमर्थन), पहले से 106वें तक सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले संशोधन एक तालिका में, 42वें बनाम 44वें की कहानी, और 2024 से 2026 के विधेयकों की स्थिति, अप्रैल 2026 में गिरे 131वें विधेयक समेत।
मूल पाठसंविधान संशोधन की प्रक्रिया: अनुच्छेद 368 का पाठ
368. (2) संविधान का संशोधन केवल संसद के किसी भी सदन में इस प्रयोजन के लिए विधेयक पेश करके शुरू किया जा सकेगा, और जब वह विधेयक हर सदन में उस सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत और उपस्थित तथा मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित हो जाए, तब उसे राष्ट्रपति के सामने रखा जाएगा, जो उस पर अपनी अनुमति देंगे, और तब संविधान विधेयक के अनुसार संशोधित हो जाएगा:
परंतु यदि ऐसा संशोधन (क) अनुच्छेद 54, 55, 73, 162, 241 या 279क; या (ख) भाग 5 के अध्याय 4, भाग 6 के अध्याय 5 या भाग 11 के अध्याय 1; या (ग) सातवीं अनुसूची की किसी सूची; या (घ) संसद में राज्यों के प्रतिनिधित्व; या (ङ) इस अनुच्छेद के उपबंधों में कोई परिवर्तन करना चाहता है, तो अनुमति के लिए राष्ट्रपति के सामने रखे जाने से पहले उसका कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा अनुसमर्थन भी ज़रूरी होगा।
संशोधन का अर्थ है संविधान के पाठ में बदलाव: कोई उपबंध जोड़ना, बदलना या हटाना। भारत का संविधान न बहुत कठोर है, न बहुत लचीला। साधारण क़ानून साधारण बहुमत से बनते हैं, पर संविधान के ज़्यादातर बदलावों के लिए दोनों सदनों में विशेष बहुमत चाहिए, और संघीय संतुलन से जुड़े बदलावों के लिए आधे राज्यों की मंज़ूरी भी। 1950 से अब तक संसद 106 संशोधन अधिनियम पारित कर चुकी है।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
हाउसिंग सोसाइटी के नियम सोचिए: पार्किंग का समय कमेटी ख़ुद तय कर सकती है (साधारण), मेंटेनेंस के नियम बदलने के लिए दो-तिहाई सदस्य चाहिए (विशेष), और साझा पार्क बेचने के लिए हर विंग की सहमति भी चाहिए (अनुसमर्थन)।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
GST (101वाँ संशोधन, 2016) ने केंद्र और राज्यों की कर लगाने की शक्तियाँ बदलीं, इसलिए दोनों सदनों से पारित होने के बाद, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से पहले आधे से अधिक राज्य विधानसभाओं को इसका अनुसमर्थन करना पड़ा।
प्रक्रियासंविधान संशोधन के प्रकार: साधारण, विशेष बहुमत और अनुसमर्थन
| प्रकार | कौन-सा बहुमत | इस तरीक़े से क्या बदलता है |
|---|---|---|
| 1. साधारण बहुमत (अनुच्छेद 368 से बाहर) | उपस्थित और मत देने वालों का बहुमत, साधारण क़ानून की तरह। अनुच्छेद 368 के तहत 'संशोधन' नहीं गिना जाता। | नए राज्य और राज्यों के नाम या सीमा में बदलाव (अनुच्छेद 2, 3, 4); विधान परिषद बनाना या ख़त्म करना (अनुच्छेद 169); नागरिकता क़ानून (अनुच्छेद 11); पाँचवीं और छठी अनुसूची; सांसदों का वेतन, कोरम, प्रक्रिया के नियम। |
| 2. विशेष बहुमत (अनुच्छेद 368(2)) | हर सदन में: कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित व मत देने वालों का दो-तिहाई। | संविधान का ज़्यादातर हिस्सा, मूल अधिकार और नीति निदेशक तत्व समेत, और वह सब जो पंक्ति 1 और 3 में नहीं है। |
| 3. विशेष बहुमत + आधे राज्यों का अनुसमर्थन | संसद में विशेष बहुमत, फिर कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों के प्रस्ताव (वहाँ साधारण बहुमत, कोई समय-सीमा नहीं)। | राष्ट्रपति का चुनाव (अनुच्छेद 54, 55); संघ और राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार (अनुच्छेद 73, 162); सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय; सातवीं अनुसूची की सूचियाँ; GST परिषद (अनुच्छेद 279A); संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व; स्वयं अनुच्छेद 368। |
- 1पेश करना
विधेयक किसी भी सदन में, मंत्री या निजी सदस्य द्वारा, पेश हो सकता है। राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति ज़रूरी नहीं। राज्य विधानमंडल संशोधन शुरू नहीं कर सकते।
- 2हर सदन में अलग से पास
हर सदन को इसे विशेष बहुमत से पारित करना होता है। संशोधन विधेयक के लिए संयुक्त बैठक नहीं होती: एक सदन ठुकरा दे तो विधेयक ख़त्म।
- 3ज़रूरत हो तो अनुसमर्थन
संघीय विषयों पर आधे राज्यों का अनुसमर्थन ज़रूरी।
- 4राष्ट्रपति की अनुमति
24वें संशोधन (1971) के बाद राष्ट्रपति को अनुमति देनी ही होगी; वे न रोक सकते हैं, न विधेयक लौटा सकते हैं।
बड़ी सूचीसंविधान के महत्वपूर्ण संशोधन: पहले से 106वें तक की सूची
| संशोधन | वर्ष | क्या किया (परीक्षा के मुख्य बिंदु) |
|---|---|---|
| पहला | 1951 | भूमि सुधार क़ानूनों को बचाने के लिए नौवीं अनुसूची (अनुच्छेद 31B) जोड़ी; अनुच्छेद 31A; अनुच्छेद 15(4) (पिछड़े वर्गों के लिए विशेष उपबंध); अनुच्छेद 19(2) में नए प्रतिबंध: लोक व्यवस्था, विदेशी राज्यों से मैत्री संबंध, अपराध के लिए उकसाना। |
| 7वाँ | 1956 | भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन: भाग A, B, C, D का वर्गीकरण ख़त्म; 14 राज्य और 6 केंद्रशासित प्रदेश; दो या अधिक राज्यों के लिए साझा उच्च न्यायालय। |
| 24वाँ | 1971 | गोलकनाथ को पलटा: संसद मूल अधिकारों समेत कोई भी भाग बदल सकती है; अनुच्छेद 13(4) और 368(3) जोड़े; संशोधन विधेयकों पर राष्ट्रपति की अनुमति बाध्यकारी। |
| 36वाँ | 1975 | सिक्किम को भारत का पूर्ण राज्य बनाया। |
| 42वाँ | 1976 | 'लघु संविधान': प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष', 'अखंडता'; मौलिक कर्तव्य (भाग 4क, अनुच्छेद 51A); नए नीति निदेशक तत्व (39A, 43A, 48A); शिक्षा, वन, वन्यजीव समवर्ती सूची में; अधिकरण (भाग 14क); लोकसभा का कार्यकाल 5 से 6 साल; राष्ट्रपति मंत्रिमंडल की सलाह से बँधे (अनुच्छेद 74)। |
| 44वाँ | 1978 | 1976 की ज़्यादतियाँ सुधारीं: संपत्ति का अधिकार मूल अधिकारों से हटाया (अब अनुच्छेद 300A); 'आंतरिक अशांति' की जगह 'सशस्त्र विद्रोह'; आपात के लिए लिखित मंत्रिमंडलीय सलाह; अनुच्छेद 20 और 21 निलंबित नहीं हो सकते; लोकसभा का कार्यकाल वापस 5 साल; राष्ट्रपति सलाह एक बार लौटा सकते हैं। |
| 52वाँ | 1985 | दल-बदल विरोधी क़ानून: दसवीं अनुसूची जोड़ी; पार्टी बदलने वाले सांसद और विधायक अपनी सीट खोते हैं। |
| 61वाँ | 1988 (लागू 1989) | मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 (अनुच्छेद 326), 28 मार्च 1989 से लागू। |
| 69वाँ | 1991 | दिल्ली को अपनी विधानसभा के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का विशेष दर्जा (अनुच्छेद 239AA, 239AB)। |
| 73वाँ | 1992 | पंचायती राज: भाग 9, ग्यारहवीं अनुसूची (29 विषय); 24 अप्रैल 1993 से लागू (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस)। |
| 74वाँ | 1992 | शहरी स्थानीय निकाय (नगरपालिकाएँ): भाग 9क, बारहवीं अनुसूची (18 विषय); 1 जून 1993 से लागू। |
| 86वाँ | 2002 | शिक्षा का अधिकार: अनुच्छेद 21A (6 से 14 साल के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा); अनुच्छेद 45 में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल; माता-पिता के लिए मौलिक कर्तव्य 51A(k)। |
| 91वाँ | 2003 | मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा या विधानसभा के 15% तक सीमित (राज्यों में न्यूनतम 12); दल-बदल क़ानून से 'विभाजन' की छूट हटाई। |
| 97वाँ | 2011 | सहकारी समितियाँ: अनुच्छेद 19(1)(c) में इन्हें बनाने का अधिकार; अनुच्छेद 43B (नीति निदेशक तत्व); भाग 9ख। |
| 99वाँ | 2014 | राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC); सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को रद्द किया। |
| 100वाँ | 2015 | भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौता: एन्क्लेवों की अदला-बदली (पहली अनुसूची में बदलाव)। |
| 101वाँ | 2016 | वस्तु एवं सेवा कर (GST): अनुच्छेद 246A, 269A और GST परिषद (अनुच्छेद 279A)। |
| 102वाँ | 2018 | राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा (अनुच्छेद 338B, 342A)। |
| 103वाँ | 2019 | शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10% EWS आरक्षण (अनुच्छेद 15(6), 16(6)); जनहित अभियान (2022) में 3:2 से वैध। |
| 104वाँ | 2019 (लागू 2020) | लोकसभा और विधानसभाओं में SC/ST सीटों का आरक्षण 2030 तक बढ़ा; एंग्लो-इंडियन का मनोनयन ख़त्म। |
| 105वाँ | 2021 | राज्यों को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (OBC) की अपनी सूची बनाने की शक्ति लौटाई। |
| 106वाँ | 2023 | नारी शक्ति वंदन अधिनियम: लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें (अनुच्छेद 330A, 332A, 334A), 15 साल के लिए। 16 अप्रैल 2026 को लागू होने की अधिसूचना; आरक्षण अगली जनगणना और परिसीमन के बाद शुरू होगा। |
तुलना42वाँ संशोधन (लघु संविधान) बनाम 44वाँ संशोधन
42वाँ संशोधन, 1976 (आपातकाल के दौरान)
- 'लघु संविधान' कहा गया; स्वर्ण सिंह समिति पर आधारित
- 10 मौलिक कर्तव्य और प्रस्तावना में तीन शब्द जोड़े
- नीति निदेशक तत्वों को कुछ मूल अधिकारों पर तरजीह दी (विस्तृत अनुच्छेद 31C)
- अदालतों को संशोधनों पर सवाल उठाने से रोका (अनुच्छेद 368(4), (5))
- लोकसभा का कार्यकाल 6 साल किया
44वाँ संशोधन, 1978 (जनता सरकार)
- मौलिक कर्तव्य और प्रस्तावना के शब्द बनाए रखे
- भाग 3 से संपत्ति का अधिकार हटाया
- आपात को सख़्त किया: 'सशस्त्र विद्रोह', लिखित मंत्रिमंडलीय सलाह
- अनुच्छेद 20 और 21 को हर समय सुरक्षित किया
- 5 साल का कार्यकाल बहाल किया
ताज़ाताज़ा संविधान संशोधन विधेयक 2023 से 2026: 129वाँ, 130वाँ, 131वाँ
| विधेयक | विषय | स्थिति (अक्टूबर 2026) |
|---|---|---|
| 128वाँ संशोधन विधेयक, 2023 | महिला आरक्षण | पारित; 106वाँ संशोधन अधिनियम बना। 16 अप्रैल 2026 को लागू होने की अधिसूचना। |
| 129वाँ संशोधन विधेयक, 2024 | एक राष्ट्र एक चुनाव (एक साथ चुनाव) | संयुक्त संसदीय समिति के पास; 2026 में कार्यकाल बढ़ा। पारित नहीं। |
| 130वाँ संशोधन विधेयक, 2025 | 30 दिन हिरासत में रहे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाना | संयुक्त संसदीय समिति के पास। पारित नहीं। |
| 131वाँ संशोधन विधेयक, 2026 | महिला आरक्षण जल्दी लागू करने के लिए बड़ी लोकसभा और 2011 की जनगणना पर परिसीमन | 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में गिरा: पक्ष में 298, विपक्ष में 230; ज़रूरत 352 की थी (मत देने वालों का दो-तिहाई)। |
आपस में जोड़ेंसंविधान संशोधन दूसरे विषयों से कैसे जुड़ते हैं
- प्रस्तावना में सिर्फ़ एक बार, 42वें संशोधन से, बदलाव हुआ: भारतीय संविधान की प्रस्तावना।
- कुछ संशोधन रद्द क्यों होते हैं: मूल ढाँचा सिद्धांत (केशवानंद भारती)।
- 42वें और 86वें संशोधन ने मौलिक कर्तव्य बनाए।
- पहले, 7वें, 52वें, 73वें और 74वें संशोधन ने अनुसूचियाँ जोड़ीं या बदलीं: 12 अनुसूचियाँ देखें।
- पहले, 97वें और 103वें संशोधन ने अनुच्छेद 15, अनुच्छेद 16 और अनुच्छेद 19 बदले।
- लद्दाख और राज्यों के विशेष उपबंध (अनुच्छेद 371 श्रृंखला): लद्दाख और अनुच्छेद 371K।
झटपट दोहरावएक-लाइन रिवीज़न पॉइंट (परीक्षा के लिए)
- संशोधन प्रक्रिया: अनुच्छेद 368, भाग 20; विचार दक्षिण अफ़्रीका से।
- संशोधन विधेयक: कोई भी सदन, संयुक्त बैठक नहीं, राष्ट्रपति की अनुमति अनिवार्य (24वाँ संशोधन)।
- पहला (1951): नौवीं अनुसूची। 7वाँ (1956): राज्यों का पुनर्गठन।
- 42वाँ (1976): लघु संविधान, मौलिक कर्तव्य, समाजवादी-पंथनिरपेक्ष-अखंडता।
- 44वाँ (1978): संपत्ति का अधिकार भाग 3 से बाहर (अनुच्छेद 300A)।
- 52वाँ (1985): दल-बदल विरोधी, दसवीं अनुसूची। 61वाँ: मतदान आयु 18।
- 73वाँ/74वाँ (1992): पंचायत (11वीं अनुसूची) और नगरपालिका (12वीं अनुसूची)।
- 86वाँ (2002): अनुच्छेद 21A शिक्षा का अधिकार। 101वाँ (2016): GST। 103वाँ (2019): 10% EWS।
- 106वाँ (2023): महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें; अक्टूबर 2026 तक का आख़िरी अधिनियम।
- 131वाँ विधेयक (परिसीमन) 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में गिरा (298-230)।
अभ्यास MCQअभ्यास MCQ (उत्तर सहित): संविधान संशोधन
किस संशोधन को 'लघु संविधान' कहा जाता है?
मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 साल किस संशोधन से की गई?
इनमें से किसके लिए कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों का अनुसमर्थन ज़रूरी है?
दल-बदल विरोधी क़ानून (दसवीं अनुसूची) किस संशोधन से जोड़ा गया?
अक्टूबर 2026 तक का आख़िरी संविधान संशोधन अधिनियम कौन-सा है?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय संविधान में अब तक कितने संशोधन हुए हैं?
अक्टूबर 2026 तक 106 संशोधन अधिनियम। आख़िरी 106वाँ संशोधन अधिनियम, 2023 है, जो महिला आरक्षण पर है।
संविधान संशोधन किस अनुच्छेद में है?
भाग 20 का अनुच्छेद 368। इसमें विशेष बहुमत से, और संघीय उपबंधों के लिए विशेष बहुमत के साथ आधे राज्यों के अनुसमर्थन से संशोधन का प्रावधान है।
131वाँ संशोधन विधेयक, 131वाँ संशोधन क्यों नहीं है?
विधेयकों को पेश होते समय नंबर मिलता है, और कई ख़त्म हो जाते हैं या गिर जाते हैं। सिर्फ़ पारित विधेयक अगले नंबर वाले अधिनियम बनते हैं। 131वाँ विधेयक 17 अप्रैल 2026 को गिर गया, इसलिए कोई नया अधिनियम नहीं बना।
क्या राष्ट्रपति संविधान संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर से मना कर सकते हैं?
नहीं। 24वें संशोधन (1971) के बाद राष्ट्रपति को विधिवत पारित संशोधन विधेयक पर अनुमति देनी ही होती है।
किस संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों से हटाया?
44वें संशोधन (1978) ने। अब यह अनुच्छेद 300A के तहत संवैधानिक (क़ानूनी) अधिकार है।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
अनुच्छेद 368 का पाठ भारत का संविधान (विधायी विभाग) से, 2026 तक के संशोधनों सहित; ऊपर का हिंदी पाठ सरल रूपांतर है। विधेयकों की स्थिति 18 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों के अनुसार।