भाग II ⚖️ नागरिकता लागू

अनुच्छेद 11: संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना

भाग II का आख़िरी अनुच्छेद नागरिकता की नियम-पुस्तिका संसद को सौंपता है। 1955 से अब तक नागरिकता का हर कानून अनुच्छेद 11 पर टिका है।

मूल पाठअनुच्छेद 11 का आधिकारिक पाठ

हिन्दी · आधिकारिक पाठ

11. संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना—

इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों की कोई बात नागरिकता के अर्जन और समाप्ति के तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में उपबंध करने की संसद की शक्ति का अल्पीकरण नहीं करेगी।

In Simple Words / आसान शब्दों में

अनुच्छेद 5 से 10 ने केवल पहले दिन की नागरिकता तय की। अनुच्छेद 11 कहता है: उन अनुच्छेदों की कोई बात संसद को सीमित नहीं करती।

संसद को पूरी शक्ति है कि वह कानून बनाए कि नागरिकता कैसे मिलती है (अर्जन), कैसे ख़त्म होती है (समाप्ति), और नागरिकता से जुड़ी बाकी हर बात पर।

इसी शक्ति से संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1955 बनाया। इसमें नागरिक बनने के पाँच तरीके हैं: जन्म, वंश, रजिस्ट्रेशन, देशीयकरण और क्षेत्र का समावेश; और नागरिकता खोने के तीन तरीके: त्याग, समाप्ति और वंचन।

संसद ने इस अधिनियम में कई बार संशोधन किए हैं, और जन्म के नियमों से लेकर OCI कार्ड तक हर बदलाव अनुच्छेद 11 की शक्ति से आता है।

🏠 रोज़मर्रा की मिसाल

संविधान को घर की नींव और संसद को राजमिस्त्री समझिए। भाग II ने 1950 में नींव रखी: पहले दिन घर में कौन रहेगा। अनुच्छेद 11 राजमिस्त्री को यह अधिकार देता है कि वह आगे मंज़िलें जोड़े, प्रवेश के नियम तय करे और भविष्य में कौन आएगा या जाएगा, यह तय करे।

🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण

1980 में भोपाल में जन्मा बच्चा माता-पिता की राष्ट्रीयता चाहे जो हो, जन्म से नागरिक बन गया। संसद द्वारा कानून बदलने के बाद, 3 दिसंबर 2004 के बाद भोपाल में जन्मा बच्चा तभी जन्म से नागरिक है जब माता-पिता दोनों भारतीय हों, या एक भारतीय हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो। शहर वही, नियम अलग, क्योंकि अनुच्छेद 11 संसद को इसे बदलने देता है।

त्वरित दोहराईयाद रखने योग्य मुख्य बातें

  • भाग II के पहले के अनुच्छेद संसद की शक्ति को सीमित नहीं करते।
  • नागरिकता के अर्जन, समाप्ति और अन्य सभी विषयों पर संसद का नियंत्रण।
  • मुख्य कानून: नागरिकता अधिनियम, 1955।
  • पाने के पाँच तरीके: जन्म, वंश, रजिस्ट्रेशन, देशीयकरण, क्षेत्र का समावेश।
  • खोने के तीन तरीके: त्याग, समाप्ति, वंचन।

नागरिकता अधिनियम की समयरेखासंसद ने अनुच्छेद 11 का उपयोग कैसे किया

वर्षबदलाव
1955नागरिकता अधिनियम पारित: नागरिकता पाने के 5 और खोने के 3 तरीके।
1986जन्म का नियम सख़्त: 1 जुलाई 1987 से जन्म पर कम से कम एक माता/पिता का भारतीय नागरिक होना ज़रूरी।
20033 दिसंबर 2004 से जन्म पर माता-पिता दोनों नागरिक हों, या एक नागरिक और दूसरा अवैध प्रवासी न हो। प्रवासी नागरिकता (OCI) शुरू।
2015PIO कार्ड योजना को ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया (OCI) कार्डधारक योजना में मिलाया गया।
2019नागरिकता (संशोधन) अधिनियम: 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई प्रवासियों के लिए तेज़ नागरिकता। नियम मार्च 2024 में अधिसूचित।

UPSC · राज्य PSC · न्यायपालिकापरीक्षा कॉर्नर

  • संघ सूची की प्रविष्टि 17 (सातवीं अनुसूची) में "नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी" आते हैं, इसलिए इस पर केवल संसद कानून बना सकती है।
  • देशीयकरण के लिए आम तौर पर भारत में 12 साल का निवास चाहिए (अधिनियम की तीसरी अनुसूची); 2019 के संशोधन के तहत संबंधित प्रवासी समूहों के लिए यह 5 साल है।
  • क्षेत्र का समावेश: जब नई ज़मीन भारत में जुड़ती है (जैसे गोवा, पुडुचेरी, सिक्किम), तो सरकार अधिसूचित करती है कि वहाँ के कौन लोग नागरिक बनेंगे।
  • CAA, 2019 की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

अभ्यास प्रश्नख़ुद को परखें: अनुच्छेद 11

नागरिकता अधिनियम, 1955 किस अनुच्छेद से मिली शक्ति के तहत बनाया गया?

शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज भारत में नागरिकता कौन-सा कानून तय करता है?

नागरिकता अधिनियम, 1955, जिसे संसद ने अनुच्छेद 11 के तहत बनाया, उसके बाद के संशोधनों के साथ।

क्या कोई राज्य विधान-मंडल नागरिकता का कानून बना सकता है?

नहीं। नागरिकता संघ सूची की प्रविष्टि 17 में है, और अनुच्छेद 11 यह शक्ति संसद को देता है।

भारतीय नागरिकता पाने के कौन-से तरीके हैं?

नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत पाँच तरीके: जन्म, वंश, रजिस्ट्रेशन, देशीयकरण और क्षेत्र का समावेश।