भाग II ⚖️ नागरिकता लागू

अनुच्छेद 10: नागरिकता के अधिकारों का बना रहना

अनुच्छेद 10 भरोसा देता है कि जो लोग भाग II के तहत नागरिक बने, वे नागरिक बने रहेंगे, साथ ही इसके नियम बनाने की शक्ति संसद के पास रहती है।

मूल पाठअनुच्छेद 10 का आधिकारिक पाठ

हिन्दी · आधिकारिक पाठ

10. नागरिकता के अधिकारों का बना रहना—

प्रत्येक व्यक्ति, जो इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों में से किसी के अधीन भारत का नागरिक है या समझा जाता है, ऐसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, जो संसद द्वारा बनाई जाए, भारत का नागरिक बना रहेगा।

In Simple Words / आसान शब्दों में

अनुच्छेद 5 से 8 ने तय किया कि 1950 में कौन नागरिक बना। अनुच्छेद 10 अगले सवाल का जवाब देता है: क्या वे नागरिक बने रहेंगे? हाँ।

जो भी व्यक्ति नागरिक है (अनुच्छेद 5) या नागरिक "समझा जाता है" (अनुच्छेद 6 और 8), वह नागरिक बना रहेगा। उसकी नागरिकता एक दिन का टिकट नहीं है।

लेकिन यह "संसद द्वारा बनाई गई विधि के अधीन" है। यानी संसद नियम बना सकती है कि नागरिकता कैसे छोड़ी, समाप्त या छीनी जा सकती है, जैसे त्याग से, स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता लेने से, या धोखाधड़ी पर वंचित करके।

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आधार से जुड़ा आपका बैंक खाता खोलने वाले दिन के अंत में बंद नहीं होता। वह जीवन भर चालू रहता है, पर RBI के नियमों के अधीन: अगर आप उसे ख़ुद बंद करें, या नियम कहें कि धोखाधड़ी के कारण उसे बंद करना होगा, तो वह ख़त्म होता है। अनुच्छेद 10 नागरिकता को इसी तरह चलाता है, जहाँ RBI की भूमिका संसद की है।

🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण

कमला 1950 में अनुच्छेद 5 के तहत नागरिक बनीं। वे जीवन भर भारत की नागरिक रहीं और हर चुनाव में वोट दिया। उनका भतीजा, जो 1950 में नागरिक बना था, बाद में कनाडा का नागरिक बन गया; संसद द्वारा बनाए गए नागरिकता अधिनियम के तहत उसकी भारतीय नागरिकता ख़त्म हो गई। दोनों नतीजे अनुच्छेद 10 के अनुसार हैं।

त्वरित दोहराईयाद रखने योग्य मुख्य बातें

  • भाग II के तहत बने नागरिक, नागरिक बने रहते हैं।
  • जो नागरिक हैं और जो नागरिक समझे जाते हैं, दोनों पर लागू।
  • नागरिकता का बना रहना संसद के कानूनों के अधीन है।
  • नागरिकता खोने पर संसद का कानून: त्याग, समाप्ति, वंचन (नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 8, 9 और 10)।

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  • नागरिकता खोने के तीन तरीके (नागरिकता अधिनियम, 1955): त्याग (धारा 8), स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता लेने पर समाप्ति (धारा 9), केंद्र सरकार द्वारा वंचन, जैसे धोखाधड़ी या निष्ठाहीनता पर (धारा 10)।
  • अनुच्छेद 10 दिखाता है कि भाग II नागरिकों को सुरक्षा देता है पर संसद के लिए लचीलापन रखता है।
  • अनुच्छेद 10 और 11 मिलकर नागरिकता का दीर्घकालिक कानून संसद को सौंपते हैं।

अभ्यास प्रश्नख़ुद को परखें: अनुच्छेद 10

अनुच्छेद 10 कहता है कि भाग II के तहत हर नागरिक नागरिक बना रहेगा, लेकिन किसके अधीन?

शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अनुच्छेद 5 के तहत बना नागरिक कभी नागरिकता खो सकता है?

हाँ, पर केवल उन्हीं तरीकों से जो संसद का कानून अनुमति देता है: त्याग करके, स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता लेकर, या नागरिकता अधिनियम के तहत वंचन से।

"नागरिक समझा जाना" का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि कानून उस व्यक्ति को नागरिक मानता है, जैसे अनुच्छेद 6 और 8 के तहत, भले ही वह अनुच्छेद 5 की सामान्य शर्त पूरी न करता हो।

अभी नागरिकता के बने रहने और खोने को कौन-सा कानून नियंत्रित करता है?

नागरिकता अधिनियम, 1955, जिसे संसद ने अनुच्छेद 11 के तहत बनाया।