मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति: अनूप बरनवाल मामला और CEC अधिनियम 2023

भारतीय लोकतंत्र का अंपायर कौन चुने? 73 साल की सरकारी पसंद से 2023 के सुप्रीम कोर्ट फ़ैसले, नए अधिनियम और 2026 के संविधान पीठ संदर्भ तक।
क़ानूनमुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति: अनुच्छेद 324(2) और 2023 का अधिनियम
अनुच्छेद 324. (2) निर्वाचन आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने अन्य निर्वाचन आयुक्तों से, यदि कोई हों, जितने राष्ट्रपति समय-समय पर नियत करे, मिलकर बनेगा तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, संसद द्वारा इस निमित्त बनाई गई विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
CEC और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023, धारा 7. (1) मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति एक चयन समिति की सिफ़ारिश पर करेगा, जिसमें होंगे— (क) प्रधानमंत्री — अध्यक्ष; (ख) लोकसभा में विपक्ष का नेता — सदस्य; (ग) प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री — सदस्य।
स्पष्टीकरण.—जहाँ लोकसभा में विपक्ष के नेता को मान्यता नहीं दी गई है, वहाँ लोकसभा में सरकार के विपक्ष में सबसे बड़े एकल दल का नेता विपक्ष का नेता माना जाएगा।
संविधान कहता है कि CEC और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति करेंगे, पर तरीका संसद के क़ानून पर छोड़ता है। 73 साल तक ऐसा कोई क़ानून नहीं था, इसलिए व्यवहार में केंद्र सरकार (प्रधानमंत्री के ज़रिए) उन्हें चुनती थी। 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह काफ़ी नहीं है और फ़िलहाल पैनल में मुख्य न्यायाधीश को जोड़ दिया। फिर संसद ने क़ानून बनाया जिसमें पैनल तो है, पर मुख्य न्यायाधीश की जगह एक केंद्रीय मंत्री है, यानी तीन में से दो वोट सरकार की ओर हैं।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
मान लीजिए दो टीमें रेफ़री पर सहमति बनाती हैं। अगर एक कप्तान को तीन में से दो वोट मिलें, तो दूसरा कप्तान आपत्ति कर सकता है, पर चुनाव पहले कप्तान का ही रहेगा। आज की बहस का मूल यही है।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
17 फ़रवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की समिति की बैठक हुई; राहुल गांधी ने असहमति नोट देकर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले तक रुकने को कहा, और उसी रात ज्ञानेश कुमार CEC नियुक्त हुए।
प्रक्रियाCEC की नियुक्ति कैसे होती है: खोज समिति से चयन समिति तक
- 1खोज समिति
केंद्रीय विधि मंत्री की अध्यक्षता में, सचिव स्तर से कम नहीं के दो अधिकारियों के साथ। यह पाँच नामों का पैनल बनाती है (धारा 6)।
- 2चयन समिति
प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री। यह पैनल से बाहर का नाम भी चुन सकती है (धारा 8(2))। समिति में पद ख़ाली होने से उसका चयन अमान्य नहीं होता।
- 3कौन चुना जा सकता है
जो भारत सरकार के सचिव के बराबर पद पर है या रहा है, ईमानदार है, और चुनाव प्रबंधन का ज्ञान व अनुभव रखता है।
- 4राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं
राष्ट्रपति समिति की सिफ़ारिश पर अधिसूचना जारी करते हैं।
- 5कार्यकाल और वेतन
छह साल या 65 वर्ष की उम्र तक, जो पहले हो; दोबारा नियुक्ति नहीं। वेतन सुप्रीम कोर्ट के जज के बराबर (धारा 9 और 10)।
| पहले और अब | 2 मार्च 2023 से पहले | अनूप बरनवाल (अंतरिम) | 2023 अधिनियम (अब) |
|---|---|---|---|
| कौन चुनता है | केंद्र सरकार; प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति | प्रधानमंत्री + नेता प्रतिपक्ष + भारत के मुख्य न्यायाधीश | प्रधानमंत्री + नेता प्रतिपक्ष + केंद्रीय कैबिनेट मंत्री |
| सरकार के वोट | सभी | 3 में से 1 | 3 में से 2 |
कहानीअनूप बरनवाल मामले से 2026 के संविधान पीठ संदर्भ तक
- 1
📚 1990-2015: समितियों की माँग
दिनेश गोस्वामी समिति (1990) और विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट (2015) ने CJI या नेता प्रतिपक्ष सहित कॉलेजियम जैसे पैनल की सिफ़ारिश की।
- 2
⚖️ 2 मार्च 2023: अनूप बरनवाल
जस्टिस के. एम. जोसेफ़ की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से कहा कि संसद के क़ानून तक नियुक्तियाँ प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और CJI की सलाह पर होंगी।
- 3
🏛️ दिसंबर 2023: नया अधिनियम
राज्यसभा ने 12 दिसंबर और लोकसभा ने 21 दिसंबर 2023 को विधेयक पारित किया। CJI की जगह कैबिनेट मंत्री आए; धारा 16 ने आधिकारिक कार्यों के लिए आजीवन छूट दी।
- 4
🧑💼 14 मार्च 2024: पहली नियुक्तियाँ
9 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफ़े के बाद ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू चुनाव आयुक्त बने। 21 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नियुक्तियों पर रोक से इनकार किया।
- 5
👤 17-19 फ़रवरी 2025: अधिनियम के तहत पहले CEC
ज्ञानेश कुमार CEC चुने गए और 19 फ़रवरी 2025 को पद सँभाला; विवेक जोशी चुनाव आयुक्त बने।
- 6
🔀 23 सितंबर 2026: बँटा हुआ आदेश
जस्टिस दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा धारा 7 और 8 की चुनौती पर एकमत नहीं हुए और संविधान पीठ बनाने के लिए मामला CJI को भेजा। मामला लंबित रहने तक अधिनियम लागू है।
बहसक्या CEC की नियुक्ति प्रक्रिया स्वतंत्र है? दोनों पक्ष
2023 अधिनियम के पक्ष में तर्क
- अनूप बरनवाल ने ख़ुद कहा था कि CJI वाला फ़ॉर्मूला संसद के क़ानून तक ही है
- अधिकारियों की नियुक्ति कार्यपालिका का काम है; जज हर पैनल में न बैठें
- विपक्ष को अब औपचारिक सीट और असहमति दर्ज करने का अधिकार है
- अधिनियम पहली बार योग्यता, कार्यकाल और खोज प्रक्रिया तय करता है
विरोध में तर्क
- 3 में से 2 वोट सरकार के, यानी फ़ैसला अब भी उसी का
- अंपायर को एक खिलाड़ी चुनता है
- समिति खोज पैनल को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर सकती है
- सर्वसम्मत संविधान पीठ के फ़ैसले की भावना को पलटता है
आपस में जोड़ेंआगे पढ़ें: जुड़े नोट्स
- सभी 26 CEC और आयोग का विकास: भारत निर्वाचन आयोग।
- स्वतंत्रता का दूसरा पहलू: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना।
- इसी अधिनियम की छूट वाली धारा: धारा 16 की व्याख्या।
- नियुक्तियों पर जज और सरकार क्यों टकराते हैं: भारत में शक्तियों का पृथक्करण।
झटपट दोहरावएक-लाइन रिवीज़न पॉइंट (परीक्षा के लिए)
- नियुक्ति की शक्ति: राष्ट्रपति, अनुच्छेद 324(2) के तहत, संसद के क़ानून के अधीन।
- अनूप बरनवाल (2 मार्च 2023): संसद के क़ानून तक प्रधानमंत्री + नेता प्रतिपक्ष + CJI।
- 2023 अधिनियम की चयन समिति: प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, प्रधानमंत्री द्वारा नामित कैबिनेट मंत्री।
- खोज समिति: विधि मंत्री की अध्यक्षता, 5 नामों का पैनल।
- कार्यकाल: 6 साल या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो।
- वेतन: सुप्रीम कोर्ट के जज के बराबर।
- अधिनियम के तहत पहले CEC: ज्ञानेश कुमार (19 फ़रवरी 2025)।
- 23 सितंबर 2026: बँटा हुआ आदेश, चुनौती संविधान पीठ को भेजी गई।
अभ्यास MCQअभ्यास MCQ (उत्तर सहित): मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति
2023 के अधिनियम के तहत CEC की चयन समिति का अध्यक्ष कौन है?
अनूप बरनवाल (2023) में प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के अलावा अंतरिम पैनल का तीसरा सदस्य कौन था?
2023 के अधिनियम के तहत CEC का कार्यकाल क्या है?
2023 के अधिनियम के तहत नियुक्त पहले CEC कौन थे?
विचार करें: 1. चयन समिति खोज समिति के पैनल से बाहर का व्यक्ति चुन सकती है। 2. चयन समिति में पद ख़ाली होने से उसकी सिफ़ारिश अमान्य हो जाती है। कौन-सा/से सही है/हैं?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को कौन नियुक्त करता है?
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की चयन समिति की सिफ़ारिश पर।
क्या मुख्य न्यायाधीश CEC चयन समिति में हैं?
अब नहीं। अनूप बरनवाल के तहत 2 मार्च 2023 से CJI अंतरिम पैनल में थे, पर 2023 के अधिनियम ने CJI की जगह कैबिनेट मंत्री रखा। चुनौती सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
अनूप बरनवाल मामला क्या है?
2023 का संविधान पीठ फ़ैसला, जिसने कहा कि चुनाव आयोग की नियुक्तियाँ अकेले सरकार पर न छोड़ी जाएँ, और प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और CJI का अंतरिम पैनल बनाया।
मुख्य चुनाव आयुक्त का वेतन कितना है?
2023 अधिनियम की धारा 10 के तहत सुप्रीम कोर्ट के जज के वेतन के बराबर।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
तथ्य 21 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए। धारा 7 प्रकाशित अधिनियम से उद्धृत है; अधिनियम की धाराओं का हिंदी पाठ सरल रूपांतर है।
- Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners (Appointment, Conditions of Service and Term of Office) Act, 2023 (India Code)
- Supreme Court Observer: challenges to the Election Commissioners Act, 2023
- ANI, 23 Sep 2026: Supreme Court delivers split verdict on pleas challenging CEC appointment law
- All India Radio News, 18 Feb 2025: Gyanesh Kumar appointed CEC
- Scroll, Feb 2025: Gyanesh Kumar named CEC overruling Rahul Gandhi's dissent
- Constitution of India, Part XV (Legislative Department)