भाग IV ⚖️ राज्य की नीति के निदेशक तत्व लागू · कभी संशोधित नहीं · 73वें संशोधन, 1992 से लागू किया गया

अनुच्छेद 40: ग्राम पंचायतों का संगठन

गाँव में नया हैंडपंप कहाँ लगे, यह कौन तय करे: दिल्ली में बैठा अफ़सर या गाँव के लोग? अनुच्छेद 40 कहता है: गाँव ख़ुद, अपनी पंचायत के ज़रिए।

मूल पाठअनुच्छेद 40 का आधिकारिक पाठ

हिन्दी · आधिकारिक पाठ

40. ग्राम पंचायतों का संगठन—

राज्य ग्राम पंचायतों का संगठन करने के लिए कदम उठाएगा और उनको ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार प्रदान करेगा जो उन्हें स्वायत्त शासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक हों।

In Simple Words / आसान शब्दों में

राज्य ग्राम पंचायतें बनाए।

उन्हें असली शक्तियाँ दे, सिर्फ़ नाम का बोर्ड नहीं।

लक्ष्य: पंचायतें स्वशासन की इकाई बनें, यानी गाँव वाले अपने स्थानीय काम ख़ुद सँभालें।

यह गांधीवादी सिद्धांत है (ग्राम स्वराज)।

🏠 रोज़मर्रा की मिसाल

स्कूल तब अच्छा चलता है जब हर कक्षा का अपना मॉनिटर हो जो बच्चों को जानता हो। पंचायत गाँव की मॉनिटर है: लोगों के पास है, इसलिए उनकी समस्याएँ सबसे अच्छी तरह समझती है।

🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण

उत्तर प्रदेश के एक गाँव में ग्राम सभा बैठती है और तय करती है कि पहले नाली बनेगी, फिर आँगनवाड़ी की मरम्मत होगी। चुने हुए प्रधान और पंचायत सदस्य यह काम करवाते हैं। यही अनुच्छेद 40 का ग्राम स्वराज है।

निदेशक तत्व से भाग IX तकअनुच्छेद 40: ग्राम पंचायतों से पंचायती राज तक

वर्षक़दम
1957बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज सुझाया
1959पहला पंचायती राज नागौर, राजस्थान में शुरू (2 अक्टूबर)
199273वाँ संशोधन: भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243O) और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी
199324 अप्रैल से लागू, यही दिन अब राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस है

73वें संशोधन ने पंचायतों को क्या दिया

  • त्रिस्तरीय व्यवस्था: गाँव, ब्लॉक (मध्यवर्ती) और ज़िला स्तर।
  • हर पाँच साल में नियमित चुनाव, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा।
  • कम से कम एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए (अनुच्छेद 243D), और SC-ST के लिए सीटें।
  • ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय, जैसे पेयजल, सड़क और प्राथमिक स्कूल।
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एक नज़र में अनुच्छेद 40: निदेशक तत्व से पंचायती राज तक।

त्वरित दोहराईयाद रखने योग्य मुख्य बातें

  • अनुच्छेद 40: राज्य स्वशासन की इकाई के रूप में ग्राम पंचायतें बनाएगा।
  • गांधीवादी सिद्धांत।
  • 73वें संशोधन, 1992 से साकार (भाग IX, अनुच्छेद 243 से 243O)।
  • ग्यारहवीं अनुसूची: पंचायतों के 29 विषय।
  • 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस है।

UPSC · राज्य PSC · न्यायपालिकाअनुच्छेद 40: परीक्षा कॉर्नर

  • प्रीलिम्स जाल: "73वें संशोधन ने अनुच्छेद 40 के शब्द बदले।" ग़लत। अनुच्छेद 40 वैसा ही है; संशोधन ने नया भाग IX जोड़ा।
  • तथ्य (SSC/स्कूल): पंचायतें ग्यारहवीं अनुसूची (29 विषय) में हैं; नगरपालिकाएँ बारहवीं में (74वाँ संशोधन)।
  • मेन्स (150 शब्द): "अनुच्छेद 40 एक वादा था; 73वें संशोधन ने उसे ज़िम्मेदारी बना दिया।" चर्चा करें।

अभ्यास प्रश्नख़ुद को परखें: अनुच्छेद 40

विचार करें: 1. अनुच्छेद 40 गांधीवादी सिद्धांत है। 2. 73वें संशोधन ने पंचायतों पर भाग IX जोड़ा। 3. अनुच्छेद 40 कोर्ट से लागू कराया जा सकता है। कौन से सही हैं?

शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 40 क्या है?

अनुच्छेद 40 एक नीति निदेशक तत्व है। यह राज्य से कहता है कि ग्राम पंचायतें बनाए और उन्हें इतनी शक्ति दे कि वे स्वशासन की इकाई के रूप में काम कर सकें।

अनुच्छेद 40 कैसे लागू हुआ?

मुख्य रूप से 73वें संशोधन, 1992 से, जो 24 अप्रैल 1993 से लागू है। इसने भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी, जिससे पंचायतों को संवैधानिक दर्जा, नियमित चुनाव और आरक्षित सीटें मिलीं।

अनुच्छेद 40 को गांधीवादी क्यों कहते हैं?

गांधीजी ग्राम स्वराज में विश्वास करते थे: मज़बूत और आत्मनिर्भर गाँव जो अपना काम ख़ुद चलाएँ। अनुच्छेद 40 इसी विचार को संविधान में लाता है।