भाग IV ⚖️ राज्य की नीति के निदेशक तत्व लागू · कभी संशोधित नहीं

अनुच्छेद 36: राज्य की परिभाषा

भाग IV "राज्य" को कई अच्छे काम करने को कहता है: रोज़गार, स्कूल, साफ़ पानी। भाग IV का पहला अनुच्छेद, अनुच्छेद 36, एक सीधा सवाल हल करता है: आख़िर यह "राज्य" है कौन?

मूल पाठअनुच्छेद 36 का आधिकारिक पाठ

हिन्दी · आधिकारिक पाठ

36. परिभाषा—

इस भाग में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, "राज्य" का वही अर्थ है जो भाग 3 में है।

In Simple Words / आसान शब्दों में

अनुच्छेद 36 कोई नई परिभाषा नहीं बनाता। वह कहता है: "राज्य" का अर्थ वही है जो भाग III में है, यानी अनुच्छेद 12।

इसलिए "राज्य" में केंद्र सरकार और संसद, हर राज्य की सरकार और विधानमंडल, स्थानीय निकाय और अन्य प्राधिकारी आते हैं।

इन सबको क़ानून और नीतियाँ बनाते समय नीति निदेशक तत्वों का ध्यान रखना है।

"जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो" का मतलब: अगर किसी अनुच्छेद में साफ़ ज़रूरत हो, तभी अर्थ बदलेगा।

🏠 रोज़मर्रा की मिसाल

जैसे स्कूल की नियम पुस्तिका में लिखा हो: "'शिक्षक' का मतलब वही जो पेज 1 की स्टाफ़ सूची में है"। सूची दोबारा लिखने की ज़रूरत नहीं, एक ही सूची दोनों अध्यायों में काम आती है।

🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण

अनुच्छेद 40 राज्य से ग्राम पंचायतें बनाने को कहता है। यहाँ "राज्य" का मतलब राज्य सरकार और विधानमंडल है। अनुच्छेद 47 जन स्वास्थ्य सुधारने को कहता है: आपके गाँव की ग्राम पंचायत भी, जो स्थानीय प्राधिकारी होने से "राज्य" का हिस्सा है, यह ज़िम्मेदारी निभाती है।

राज्य कौन हैअनुच्छेद 36: नीति निदेशक तत्वों में राज्य कौन है?

'राज्य' का हिस्साउदाहरण
भारत की सरकार और संसदकेंद्रीय मंत्रालय, लोकसभा, राज्यसभा
हर राज्य की सरकार और विधानमंडलराज्य के मंत्रालय, विधानसभा
स्थानीय प्राधिकारीग्राम पंचायत, नगर निगम
अन्य प्राधिकारीसरकार के नियंत्रण वाले निकाय, जैसे LIC या ONGC

शब्द एक, ताक़त अलग

  • भाग III में अधिकार टूटे तो आप राज्य के ख़िलाफ़ कोर्ट जा सकते हैं (अनुच्छेद 32, 226)।
  • भाग IV के किसी निदेशक तत्व को लागू कराने के लिए आप कोर्ट नहीं जा सकते (अनुच्छेद 37)। राज्य को रास्ता दिखाया जाता है, हुक्म नहीं दिया जाता।
अनुच्छेद 36 राज्य की परिभाषा: नीति निदेशक तत्वों में राज्य का अर्थ अनुच्छेद 12 जैसा, केंद्र सरकार और संसद, राज्य सरकार और विधानमंडल, स्थानीय निकाय और अन्य प्राधिकारी
"राज्य" के चार हिस्से, जिन्हें नीति निदेशक तत्वों का पालन करना है।

त्वरित दोहराईयाद रखने योग्य मुख्य बातें

  • अनुच्छेद 36 भाग IV का पहला अनुच्छेद है (अनुच्छेद 36 से 51)।
  • भाग IV में "राज्य" का वही अर्थ है जो भाग III में (अनुच्छेद 12)।
  • इसमें केंद्र, राज्य, स्थानीय प्राधिकारी और अन्य प्राधिकारी आते हैं।
  • अनुच्छेद 36 में कभी संशोधन नहीं हुआ।

UPSC · राज्य PSC · न्यायपालिकाअनुच्छेद 36: परीक्षा कॉर्नर

  • प्रीलिम्स जाल: "अनुच्छेद 36 नीति निदेशक तत्वों के लिए राज्य की नई और बड़ी परिभाषा देता है।" ग़लत। यह बस अनुच्छेद 12 वाला अर्थ अपनाता है।
  • तथ्य (SSC, स्कूल): भाग IV अनुच्छेद 36 से शुरू होकर 51 पर ख़त्म होता है; अनुच्छेद 36 इसे अनुच्छेद 12 से जोड़ता है।
  • मेन्स (150 शब्द): "एक ही राज्य भाग III से बँधा है और भाग IV से निर्देशित।" अनुच्छेद 12, 36 और 37 के संदर्भ में समझाइए।

अभ्यास प्रश्नख़ुद को परखें: अनुच्छेद 36

अनुच्छेद 36 के अनुसार भाग IV में "राज्य" का अर्थ किस अनुच्छेद जैसा है?

शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 36 क्या है?

अनुच्छेद 36 भाग IV का परिभाषा वाला अनुच्छेद है। यह कहता है कि नीति निदेशक तत्वों में "राज्य" का अर्थ वही है जो भाग III (अनुच्छेद 12) में है।

क्या ग्राम पंचायत अनुच्छेद 36 के तहत 'राज्य' है?

हाँ। पंचायत और नगरपालिका जैसे स्थानीय प्राधिकारी इसमें आते हैं, क्योंकि अनुच्छेद 12 में ये शामिल हैं।

क्या अनुच्छेद 36 के तहत राज्य पर मुक़दमा हो सकता है?

नहीं। अनुच्छेद 36 सिर्फ़ राज्य की परिभाषा है। नीति निदेशक तत्व कोर्ट में लागू नहीं कराए जा सकते (अनुच्छेद 37), हालाँकि उसी राज्य के ख़िलाफ़ मूल अधिकार लागू कराए जा सकते हैं।