मूल पाठअनुच्छेद 43B का आधिकारिक पाठ
43ख. सहकारी सोसाइटियों का संवर्धन—
राज्य, सहकारी सोसाइटियों की स्वैच्छिक विरचना, स्वशासी कार्यकरण, लोकतांत्रिक नियंत्रण और वृत्तिक प्रबंधन का संवर्धन करने का प्रयास करेगा।
सहकारी समिति ऐसे लोगों का समूह है जो पैसा और मेहनत मिलाकर सबके फ़ायदे के लिए काम करते हैं।
राज्य लोगों को इन्हें अपनी मर्ज़ी से बनाने में मदद करे और इन्हें ख़ुद चलने दे।
सदस्य इन पर लोकतांत्रिक नियंत्रण रखें, और इन्हें कुशल प्रबंधक चलाएँ।
अनुच्छेद 36 से 51 में यह अब तक का सबसे नया अनुच्छेद है (2011 में जुड़ा)।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
सहकारी समिति वैसी है जैसे मोहल्ले की महिलाएँ मिलकर पापड़ बनाएँ और बेचें। सब थोड़ा पैसा और मेहनत लगाती हैं, सब मिलकर फ़ैसले लेती हैं, और मुनाफ़ा सबमें बँटता है।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
गाँव की सहकारी समिति से किसान सस्ते में खाद, बीज और छोटा क़र्ज़ लेते हैं, और गुजरात के अमूल की तरह दूध समितियाँ किसानों का दूध ख़रीदकर मुनाफ़ा उन्हीं में बाँटती हैं। अनुच्छेद 43B चाहता है कि राज्य ऐसी समितियों को मज़बूत करे।
97वाँ संशोधनअनुच्छेद 43B और सहकारी समितियों पर 97वाँ संशोधन
97वें संशोधन, 2011 ने संविधान में एक साथ तीन जगह बदलाव किए:
| संविधान का हिस्सा | 97वें संशोधन ने क्या किया |
|---|---|
| अनुच्छेद 19(1)(c) | सहकारी समिति बनाना मूल अधिकार बना |
| अनुच्छेद 43B (भाग IV) | राज्य सहकारी समितियों को बढ़ावा दे (यह पेज) |
| भाग IXB (अनुच्छेद 243ZH से 243ZT) | सहकारी समितियों के बोर्ड, चुनाव और ऑडिट के नियम |
मुख्य केस और आगे के कदम
- भारत संघ बनाम राजेंद्र एन. शाह (20 जुलाई 2021): सुप्रीम कोर्ट ने भाग IXB के वे हिस्से रद्द किए जो राज्य की सहकारी समितियों से जुड़े थे, क्योंकि सहकारी समिति राज्य सूची का विषय है और संशोधन को आधे राज्यों का अनुसमर्थन नहीं मिला था। अनुच्छेद 43B ख़ुद रद्द नहीं हुआ। बहु-राज्य सहकारी समितियों के नियम बचे हैं।
- जुलाई 2021 में केंद्र सरकार ने अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया।

त्वरित दोहराईयाद रखने योग्य मुख्य बातें
- अनुच्छेद 43B: राज्य सहकारी समितियों को बढ़ावा दे।
- चार लक्ष्य: स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज, लोकतांत्रिक नियंत्रण, पेशेवर प्रबंध।
- 97वें संशोधन, 2011 से जुड़ा, साथ में अनुच्छेद 19(1)(c) में बदलाव और भाग IXB।
- राजेंद्र एन. शाह (2021): राज्य सहकारी समितियों वाले भाग IXB के हिस्से रद्द; 43B बचा रहा।
- गांधीवादी सिद्धांत माना जाता है।
UPSC · राज्य PSC · न्यायपालिकाअनुच्छेद 43B: परीक्षा कॉर्नर
- प्रीलिम्स जाल: "अनुच्छेद 43B 42वें संशोधन से जुड़ा।" ग़लत। 42वें (1976) ने 43A जोड़ा; 43B 97वें संशोधन, 2011 से आया।
- तथ्य (SSC / स्कूल): सहकारी समिति बनाने का अधिकार अनुच्छेद 19(1)(c) में मूल अधिकार है; उन्हें बढ़ावा देना अनुच्छेद 43B में नीति निदेशक तत्व है।
- मेन्स: "सहकारी समितियाँ तभी ग्रामीण विकास का साधन बन सकती हैं जब वे राजनीतिक नियंत्रण से मुक्त रहें।" अनुच्छेद 43B के संदर्भ में चर्चा करें।
अभ्यास प्रश्नख़ुद को परखें: अनुच्छेद 43B
97वाँ संविधान संशोधन, 2011 किससे संबंधित है?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 43B क्या है?
अनुच्छेद 43B 2011 में जुड़ा एक नीति निदेशक तत्व है। यह राज्य से कहता है कि सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज, लोकतांत्रिक नियंत्रण और पेशेवर प्रबंध को बढ़ावा दे।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 43B रद्द किया?
नहीं। भारत संघ बनाम राजेंद्र एन. शाह (2021) में कोर्ट ने केवल राज्य सहकारी समितियों वाले भाग IXB के प्रावधान रद्द किए। अनुच्छेद 43B और बहु-राज्य सहकारी समितियों के प्रावधान बने हुए हैं।
क्या सहकारी समिति बनाना मूल अधिकार है?
हाँ। 97वें संशोधन के बाद अनुच्छेद 19(1)(c) नागरिकों को संगम, संघ या सहकारी समिति बनाने का अधिकार देता है।