मूल पाठअनुच्छेद 45 का आधिकारिक पाठ
45. छह वर्ष से कम आयु के बालकों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा का उपबंध—
राज्य, सभी बालकों के लिए छह वर्ष की आयु पूरी करने तक, प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा देने के लिए उपबंध करने का प्रयास करेगा।
राज्य 6 वर्ष से कम हर बच्चे को देख-रेख और शुरुआती शिक्षा देने का प्रयास करे।
"देख-रेख" यानी पोषण, सेहत की जाँच और सुरक्षा; "शिक्षा" यानी खेल-खेल में सीखना।
2002 तक अनुच्छेद 45 में 14 वर्ष तक निःशुल्क शिक्षा का वादा था। अब वह अनुच्छेद 21A में मूल अधिकार है (6 से 14 वर्ष)।
बाक़ी निदेशक तत्वों की तरह अनुच्छेद 45 को सीधे कोर्ट में लागू नहीं कराया जा सकता।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
घर बनाने जैसा सोचिए: दीवारों से पहले नींव डाली जाती है। 0 से 6 साल की उम्र नींव है (अनुच्छेद 45), और 6 से 14 साल का स्कूल (अनुच्छेद 21A) उस पर खड़ी इमारत।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
गाँव की तीन साल की गुड़िया रोज़ सुबह आँगनवाड़ी जाती है। वहाँ उसे गरम खाना मिलता है, उसका वज़न देखा जाता है, टीके लगते हैं और वह कविताएँ और रंग सीखती है। यही ICDS योजना (1975 से) है, जिससे राज्य अनुच्छेद 45 को सबसे ज़्यादा लागू करता है।
पुराना बनाम नयाअनुच्छेद 45: पुराना बनाम नया, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा
| पुराना अनुच्छेद 45 (1950) | नया अनुच्छेद 45 (86वाँ संशोधन, 2002) | |
|---|---|---|
| उम्र | 14 वर्ष तक | 6 वर्ष से कम |
| वादा | निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा | प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा |
| समय सीमा | संविधान लागू होने के 10 वर्ष में | कोई नहीं |
| 6 से 14 वर्ष | अनुच्छेद 45 में ही (निदेशक तत्व) | अनुच्छेद 21A में (मूल अधिकार) |
अनुच्छेद 45 कैसे लागू होता है
- ICDS और आँगनवाड़ी (2 अक्टूबर 1975 से): 6 से कम उम्र के बच्चों के लिए पोषण, सेहत और प्री-स्कूल।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: नया 5+3+3+4 ढाँचा बुनियादी अवस्था (3 से 8 वर्ष) से शुरू होता है, जिसमें प्री-स्कूल भी शामिल है।
- उन्नीकृष्णन बनाम आंध्र प्रदेश राज्य (1993): सुप्रीम कोर्ट ने पुराने अनुच्छेद 45 को अनुच्छेद 21 के साथ पढ़कर कहा कि 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का अधिकार है। इसी से 86वाँ संशोधन आया।

त्वरित दोहराईयाद रखने योग्य मुख्य बातें
- अनुच्छेद 45: राज्य 6 वर्ष से कम सभी बच्चों को प्रारंभिक देख-रेख और शिक्षा देने का प्रयास करेगा।
- 86वें संशोधन, 2002 द्वारा प्रतिस्थापित।
- पुराना अनुच्छेद 45: 14 वर्ष तक निःशुल्क शिक्षा 10 वर्ष के भीतर, समय सीमा वाला अकेला निदेशक तत्व।
- 6 से 14 वर्ष अब मूल अधिकार: अनुच्छेद 21A (RTE अधिनियम 2009, 1 अप्रैल 2010 से लागू)।
- मुख्य योजना: ICDS आँगनवाड़ी। श्रेणी: उदार-बौद्धिक।
UPSC · राज्य PSC · न्यायपालिकाअनुच्छेद 45: परीक्षा कॉर्नर
- प्रीलिम्स जाल: "अनुच्छेद 45 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा की गारंटी देता है।" 2002 से ग़लत। वह अनुच्छेद 21A है; अनुच्छेद 45 अब 6 से कम उम्र के बच्चों के लिए है।
- तथ्य (SSC / स्कूल): 86वें संशोधन ने तीन बदलाव किए: अनुच्छेद 21A जोड़ा, अनुच्छेद 45 बदला, और 6 से 14 वर्ष के बच्चों के माता-पिता के लिए अनुच्छेद 51A(k) का कर्तव्य जोड़ा।
- मेन्स: "शुरुआती साल बच्चे का भविष्य तय करते हैं।" आँगनवाड़ियों के ज़रिए राज्य ने अनुच्छेद 45 को कितना पूरा किया है?
अभ्यास प्रश्नख़ुद को परखें: अनुच्छेद 45
86वें संशोधन, 2002 के बाद अनुच्छेद 45 किस बारे में है?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 45 क्या है?
अनुच्छेद 45 एक निदेशक तत्व है। यह राज्य से कहता है कि छह साल की उम्र पूरी होने तक सभी बच्चों को प्रारंभिक देख-रेख और शिक्षा देने का प्रयास करे।
मूल अनुच्छेद 45 में क्या लिखा था?
इसमें था कि राज्य संविधान लागू होने के दस साल में 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा दे। 86वें संशोधन, 2002 ने इसे बदला और 6 से 14 वर्ष को अनुच्छेद 21A में डाल दिया।
क्या अनुच्छेद 45 मूल अधिकार है?
नहीं। अनुच्छेद 45 भाग IV में है और कोर्ट से लागू नहीं कराया जा सकता। 6 से 14 वर्ष की शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21A) मूल अधिकार है।