प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन में क्या बदला
भारत के क़रीब 3 करोड़ सबसे ग़रीब बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को केंद्र से हर महीने छोटी पेंशन मिलती है। 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने इस कार्यक्रम को पाँच साल और बढ़ाया, इसे नया नाम दिया, और दिव्यांग पेंशन कहीं ज़्यादा लोगों के लिए खोल दी। जानिए क्या बदला, इसके पीछे संविधान का वादा क्या है, और कौन आवेदन कर सकता है।

14 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट ने क्या तय किया
केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक पाँच साल जारी रखने को मंज़ूरी दी, कुल ₹53,428 करोड़ के ख़र्च के साथ। कार्यक्रम का नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना है, और पहले इंदिरा गांधी के नाम वाली इसकी तीन पेंशन अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना और प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कहलाएँगी।
सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांग पेंशन में है: दिव्यांगता की शर्त 80 से घटकर 40 प्रतिशत हुई, जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप है; न्यूनतम आयु हटा दी गई; और केंद्र की मासिक रक़म ₹300 और ₹500 से बढ़कर ₹375 (79 साल तक) और ₹625 (80 और ऊपर) हुई। ख़बरों के मुताबिक़ कुल क़रीब 3.20 करोड़ लाभार्थी सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हैं। वृद्धावस्था और विधवा पेंशन मौजूदा रूप में जारी रहेंगी; विस्तृत दिशानिर्देश तीन महीने में आने हैं।
योजनाप्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना: पुराने NSAP के पाँच हिस्से
| पुराना नाम | नया नाम (2026) | किसे मिलता है (केंद्र के नियम) |
|---|---|---|
| IGNOAPS (वृद्धावस्था पेंशन) | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना | 60+ आयु के BPL व्यक्ति: ₹200 प्रति माह (60-79), ₹500 (80+) |
| IGNWPS (विधवा पेंशन) | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना | 40+ आयु की BPL विधवाएँ: ₹300 प्रति माह (40-79), ₹500 (80+) |
| IGNDPS (दिव्यांग पेंशन) | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना | 40%+ दिव्यांगता वाले BPL व्यक्ति, किसी भी उम्र के: ₹375 (79 तक), ₹625 (80+) |
| NFBS (पारिवारिक लाभ) | कार्यक्रम का हिस्सा | मुख्य कमाने वाले (18-59) की मौत पर BPL परिवार को एक बार ₹20,000 |
| अन्नपूर्णा | कार्यक्रम का हिस्सा | पेंशन न पाने वाले पात्र बुज़ुर्गों को हर महीने 10 किलो मुफ़्त अनाज |
NSAP को सबसे ग़रीब परिवारों के नीचे एक फ़र्श समझिए। यह तनख़्वाह की जगह नहीं लेता, पर यह पक्का करता है कि बिना आमदनी वाले बुज़ुर्ग, बिना सहारे वाली विधवा या गंभीर दिव्यांगता वाले व्यक्ति को हर महीने कुछ मिले। 2026 का फ़ैसला इस फ़र्श को पाँच साल और रखता है और दिव्यांग वाला हिस्सा काफ़ी चौड़ा करता है।
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BPL परिवार का 50 प्रतिशत चलने-फिरने की दिव्यांगता वाला 12 साल का बच्चा पहले केंद्र की दिव्यांग पेंशन नहीं पा सकता था, क्योंकि नियम में 80 प्रतिशत दिव्यांगता और 18 साल की उम्र ज़रूरी थी। नए नियमों में वह पात्र है।
मूल पाठअनुच्छेद 41 और समवर्ती सूची की प्रविष्टि 24
भारत का संविधान, अनुच्छेद 41. कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार।
राज्य अपनी आर्थिक सामर्थ्य और विकास की सीमाओं के भीतर, काम पाने के, शिक्षा पाने के और बेकारी, बुढ़ापा, बीमारी और निःशक्तता तथा अन्य अनर्ह अभाव की दशाओं में लोक सहायता पाने के अधिकार को प्राप्त कराने का प्रभावी उपबंध करेगा।
सातवीं अनुसूची, सूची III (समवर्ती सूची), प्रविष्टि 24 (सरल हिंदी अनुवाद)।
श्रमिकों का कल्याण, जिसमें काम की शर्तें, भविष्य निधि, नियोजक का दायित्व, कर्मकार प्रतिकर, अशक्तता और वृद्धावस्था पेंशन और प्रसूति सुविधाएँ शामिल हैं।
अनुच्छेद 41 एक नीति निदेशक तत्व है: यह राज्य से बुढ़ापे, बीमारी और निःशक्तता में लोक सहायता देने को कहता है, पर केवल "अपनी आर्थिक सामर्थ्य की सीमाओं के भीतर"। केवल अनुच्छेद 41 के आधार पर अदालतें पेंशन देने को मजबूर नहीं कर सकतीं, पर NSAP वह तरीक़ा है जिससे केंद्र इस वादे को ज़मीन पर उतारता है। वृद्धावस्था पेंशन समवर्ती सूची की प्रविष्टि 24 में भी है, और निःशक्त और काम करने में असमर्थ लोगों की राहत राज्य सूची की प्रविष्टि 9 में है, इसलिए राज्य ये पेंशन चलाते और बढ़ाते हैं।
क्या बदलादिव्यांग पेंशन नियम 2026: पुराना बनाम नया
पहले (IGNDPS)
- 80% दिव्यांगता ज़रूरी
- केवल 18 से 79 साल
- ₹300 प्रति माह (18-79)
- ₹500 प्रति माह (80+)
अब (प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन)
- 40% बेंचमार्क दिव्यांगता
- कोई न्यूनतम आयु नहीं
- ₹375 प्रति माह (79 तक)
- ₹625 प्रति माह (80+)
आवेदन कैसे करेंवृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन कैसे करें
- 1पात्रता जाँचें
आपका परिवार राज्य की सूची के अनुसार BPL हो, और आप उम्र या दिव्यांगता की शर्त पूरी करते हों।
- 2दस्तावेज़ जुटाएँ
आधार, BPL प्रमाण, उम्र का प्रमाण; विधवा पेंशन के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र; दिव्यांग पेंशन के लिए UDID कार्ड या दिव्यांगता प्रमाणपत्र।
- 3स्थानीय आवेदन
गाँव में ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय, शहर में नगर निकाय कार्यालय में आवेदन करें; कई राज्य ऑनलाइन आवेदन भी लेते हैं।
- 4मंज़ूरी और भुगतान
जाँच के बाद पेंशन DBT से आपके बैंक या डाकघर खाते में आती है।
- 5स्थिति देखें
NSAP पोर्टल (nsap.nic.in) पर लाभार्थी सूची और भुगतान की स्थिति देख सकते हैं।
UPSC कॉर्नरUPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए NSAP और अनुच्छेद 41
- प्रारंभिक तथ्य: NSAP 15 अगस्त 1995 को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में शुरू हुआ; इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।
- प्रारंभिक तथ्य: अनुच्छेद 41 (नीति निदेशक तत्व) बेकारी, बुढ़ापा, बीमारी और निःशक्तता में लोक सहायता का ज़िक्र करता है।
- प्रारंभिक तथ्य: "अशक्तता और वृद्धावस्था पेंशन" समवर्ती सूची की प्रविष्टि 24 में; "निःशक्त और काम करने में असमर्थ लोगों की राहत" राज्य सूची की प्रविष्टि 9 में।
- प्रारंभिक तथ्य: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में बेंचमार्क दिव्यांगता यानी किसी निर्दिष्ट दिव्यांगता का कम से कम 40 प्रतिशत; अधिनियम 21 दिव्यांगताएँ गिनाता है।
- प्रारंभिक तथ्य: 2026 के नए नाम: NSAP → प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना; IGNOAPS → प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना; IGNDPS → प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना।
- मुख्य परीक्षा (150 शब्द): "भारत की सामाजिक पेंशन अनुच्छेद 41 का वादा है, जो बहुत कम क़ीमत पर निभाया जा रहा है।" NSAP में 2026 के बदलावों के संदर्भ में परखिए।
अभ्यास MCQख़ुद को परखें: प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना: NSAP का नया नाम
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP), जिसका नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना है, के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (1) इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय लागू करता है। (2) अक्टूबर 2026 के फ़ैसले के तहत केंद्रीय दिव्यांग पेंशन की दिव्यांगता शर्त घटाकर 40 प्रतिशत की गई है। (3) यह अनुच्छेद 41 के नीति निदेशक तत्व को लागू करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना क्या है?
यह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का नया नाम है, जो केंद्रीय कैबिनेट ने 14 अक्टूबर 2026 को कार्यक्रम को ₹53,428 करोड़ के साथ 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाते हुए दिया। इसमें वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और अन्नपूर्णा शामिल हैं।
क्या 2026 में वृद्धावस्था पेंशन की रक़म बढ़ी है?
कैबिनेट के फ़ैसले की ख़बरों के मुताबिक़ वृद्धावस्था और विधवा पेंशन मौजूदा रूप में जारी हैं। केंद्र का हिस्सा ₹200 प्रति माह (60-79 साल) और ₹500 (80+) रहा है, और राज्य अपनी रक़म जोड़ते हैं। तीन महीने में आने वाले विस्तृत दिशानिर्देश किसी भी बदलाव की पुष्टि करेंगे।
दिव्यांग पेंशन में क्या बदला?
दिव्यांग पेंशन, अब प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना, के लिए 80 की जगह 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता चाहिए, कोई न्यूनतम आयु नहीं है, और रक़म ₹300 और ₹500 से बढ़कर 79 साल तक ₹375 और 80 व ऊपर ₹625 प्रति माह है।
NSAP पेंशन के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
BPL परिवारों के वे लोग जो योजना की उम्र, विधवा होने या दिव्यांगता की शर्तें पूरी करते हैं। आवेदन ग्राम पंचायत, ब्लॉक या नगर निकाय कार्यालय या राज्य के ऑनलाइन पोर्टल पर होता है, और भुगतान DBT से होता है।
वृद्धावस्था पेंशन संविधान के किस अनुच्छेद से जुड़ी है?
अनुच्छेद 41, एक नीति निदेशक तत्व, राज्य से अपनी आर्थिक सामर्थ्य के भीतर बुढ़ापे, बीमारी और निःशक्तता में लोक सहायता देने को कहता है। वृद्धावस्था पेंशन समवर्ती सूची की प्रविष्टि 24 में भी है।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
इस पेज के समाचार तथ्य 21 अक्टूबर 2026 को PIB विज्ञप्ति और नीचे दी गई रिपोर्टों से जाँचे गए। सटीक रक़म और नियम नए दिशानिर्देशों में होंगे; राज्य केंद्र के हिस्से से ज़्यादा दे सकते हैं। अनुच्छेद 41 का पाठ संविधान के हिंदी पाठ से; प्रविष्टि 24 का पाठ सरल हिंदी अनुवाद है।
- PM India (PIB): Cabinet approves continuation of the National Social Assistance Programme for five years from 2026-27 to 2030-31
- DD News: Cabinet approves Rs 53,428 crore social assistance programme, expands disability pension eligibility
- Business Standard: Cabinet extends social assistance scheme till FY31 with Rs 53,428 crore outlay
- Outlook Money: Pradhan Mantri Divyangjan Pension Yojana: what benefits does the scheme offer
- NSAP official website (Ministry of Rural Development)
- Constitution of India (Legislative Department)