शिशु आहार में चीनी पर रोक: 6 महीने तक के बच्चों के खाने पर FSSAI का ड्राफ्ट नियम
छोटे बच्चों को चीनी की ज़रूरत नहीं होती। अब देश का खाद्य नियामक इसे कानून में लिखना चाहता है: ड्राफ्ट नियम के अनुसार छह महीने तक के शिशुओं के लिए बने खाने में कंपनियाँ सुक्रोज़ (सामान्य चीनी) या फ्रक्टोज़ नहीं मिला सकेंगी। जानिए नियम, वजह और अंतिम होने से पहले कोई भी अपनी राय कैसे दे सकता है।

FSSAI ने क्या प्रस्ताव दिया
15 अक्टूबर 2026 को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण हेतु खाद्य) विनियम, 2020 में ड्राफ्ट संशोधन अधिसूचित किया; यह 16 अक्टूबर को भारत के राजपत्र में छपा। इसमें विनियम 3(6) के नीचे एक परंतुक जोड़ा गया है कि छह महीने तक के शिशुओं के आहार में सुक्रोज़ और फ्रक्टोज़ नहीं मिलाए जाएँगे।
अभी 2020 के नियम लैक्टोज़ और ग्लूकोज़ पॉलिमर को प्राथमिक कार्बोहाइड्रेट मानते हैं और सुक्रोज़ या फ्रक्टोज़ सिर्फ़ ज़रूरत पड़ने पर और सीमा में मिलाने देते हैं। FSSAI ने इसे पहले छह महीने सिर्फ़ स्तनपान और बचपन के मोटापे से बचाव से जोड़ा है। कोई भी 60 दिन के भीतर आपत्ति और सुझाव भेज सकता है। यह अभी अंतिम नहीं है।
क्या बदलेगाशिशु आहार में चीनी पर FSSAI नियम: पहले और बाद में
| बिंदु | अभी (2020 के नियम) | ड्राफ्ट (अक्टूबर 2026) |
|---|---|---|
| प्राथमिक कार्बोहाइड्रेट | लैक्टोज़, ग्लूकोज़ पॉलिमर | वही |
| सुक्रोज़ (सामान्य चीनी) | ज़रूरत पर, सीमा में अनुमति | 6 महीने तक के शिशुओं के लिए नहीं मिलाई जाएगी |
| फ्रक्टोज़ | ज़रूरत पर, सीमा में अनुमति | 6 महीने तक के शिशुओं के लिए नहीं मिलाया जाएगा |
| किस पर लागू | भारत में शिशु पोषण उत्पाद बनाने और बेचने वाले सभी | वही, अंतिम अधिसूचना के बाद |
| स्थिति | लागू | ड्राफ्ट; 60 दिन तक जनता की राय |
पहले छह महीने बच्चे का सबसे अच्छा खाना माँ का दूध है, जिसमें पहले से प्राकृतिक शक्कर (लैक्टोज़) होती है। फ़ॉर्मूला में ऊपर से चीनी डालने से बहुत जल्दी मीठे की आदत लगती है और बेकार कैलोरी मिलती है। ड्राफ्ट बस इतना कहता है: नन्हे बच्चों का खाना बनाओ तो उसे मीठा मत करो।
🏠 रोज़मर्रा की मिसाल
यह स्कूल कैंटीन के उस नियम जैसा है कि नर्सरी के बच्चों को दूध और फल मिलेंगे, कोल्ड ड्रिंक कभी नहीं। बड़े बच्चे ख़ुद चुन सकते हैं; सबसे छोटों की रक्षा नियम ख़ुद करता है।
🇮🇳 असली भारतीय उदाहरण
पुणे की एक कामकाजी माँ जो अपने 4 महीने के बच्चे को फ़ॉर्मूला देती है, नियम अंतिम होने के बाद भारत में बिकने वाले किसी भी ब्रांड की सामग्री सूची में ऊपर से डाली गई सुक्रोज़ नहीं पाएगी।
मूल पाठअनुच्छेद 47 और अनुच्छेद 39(च): पोषण पर राज्य का कर्तव्य
भारत का संविधान, अनुच्छेद 47. पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य।
राज्य अपने लोगों के पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने और लोक स्वास्थ्य के सुधार को अपने प्राथमिक कर्तव्यों में मानेगा …
अनुच्छेद 39(च). राज्य अपनी नीति का विशिष्टतया इस प्रकार संचालन करेगा कि सुनिश्चित रूप से बालकों को स्वतंत्र और गरिमामय वातावरण में स्वस्थ विकास के अवसर और सुविधाएँ दी जाएँ …
- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006: FSSAI धारा 16 और धारा 92 के तहत खाद्य मानकों पर विनियम बनाता है; अंतिम अधिसूचना से पहले ड्राफ्ट राय के लिए प्रकाशित होते हैं।
- शिशु दुग्ध अनुकल्प, पोषण बोतल और शिशु खाद्य अधिनियम, 1992 (IMS एक्ट): शिशु दूध के विकल्पों और बोतलों के विज्ञापन और प्रचार पर रोक लगाकर स्तनपान की रक्षा करता है।
- अनुच्छेद 21: सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य और पोषण के अधिकार को जीवन के अधिकार का हिस्सा माना है।
फ़ायदे बनाम चिंताएँबेबी फ़ूड में चीनी पर रोक: फ़ायदे बनाम चिंताएँ
फ़ायदे
- WHO और स्वास्थ्य मंत्रालय की सिर्फ़ स्तनपान वाली सलाह को मज़बूती
- जल्दी मीठे की आदत और बाद के मोटापे से बचाव
- देसी-विदेशी सभी ब्रांड पर एक जैसा मानक
उठी चिंताएँ
- सिर्फ़ 6 महीने तक लागू; बड़े बच्चों के सीरियल का सवाल अलग
- छोटे शहरों में भी लेबल और जाँच लागू होनी चाहिए
- कंपनियों को रेसिपी बदलने का समय चाहिए
आप क्या करेंबेबी फ़ूड का लेबल कैसे पढ़ें और FSSAI को राय कैसे भेजें
- 1सामग्री सूची देखें
सुक्रोज़, शुगर, फ्रक्टोज़, ग्लूकोज़ सिरप या शहद देखें। एक साल से छोटे बच्चे के लिए शहद सुरक्षित नहीं है।
- 2खिलाने में डॉक्टर की सलाह मानें
छह महीने सिर्फ़ स्तनपान आम सलाह है; फ़ॉर्मूला डॉक्टर की सलाह से दें।
- 3अपनी राय भेजें
ड्राफ्ट पर आपत्ति और सुझाव उसके प्रकाशन के 60 दिन के भीतर FSSAI को भेजे जा सकते हैं, जैसा ड्राफ्ट नोटिस में लिखा है।
- 4असुरक्षित खाने की शिकायत करें
असुरक्षित या ग़लत लेबल वाले खाने की शिकायत FSSAI के Food Safety Connect ऐप या हेल्पलाइन 1800-112-100 पर करें।
UPSC कॉर्नरUPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए शिशु आहार में चीनी पर FSSAI नियम
- प्रारंभिक: FSSAI, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत बना वैधानिक निकाय है, जो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन है।
- प्रारंभिक: IMS एक्ट, 1992 में 2003 में संशोधन हुआ; यह शिशु दूध के विकल्पों के प्रचार पर रोक लगाता है।
- मुख्य परीक्षा (GS II, स्वास्थ्य): "बच्चों के प्रोसेस्ड खाने का नियमन अनुच्छेद 47 के तहत राज्य का कर्तव्य है।" पोषण अभियान और NFHS-5 के मोटापे के आँकड़ों के साथ चर्चा करें।
- मुख्य परीक्षा (GS III): खाद्य लेबलिंग, फ्रंट-ऑफ़-पैक चेतावनी और नियामकों की भूमिका।
अभ्यास MCQख़ुद को परखें: FSSAI ड्राफ्ट: शिशु आहार में चीनी नहीं
शिशु पोषण विनियम, 2020 में FSSAI के अक्टूबर 2026 के ड्राफ्ट संशोधन के संदर्भ में इन कथनों पर विचार करें: (1) इसमें प्रस्ताव है कि छह महीने तक के शिशुओं के आहार में सुक्रोज़ और फ्रक्टोज़ नहीं मिलाए जाएँगे। (2) यह शिशु फ़ॉर्मूला में लैक्टोज़ पर रोक लगाता है। (3) यह अंतिम रूप में तुरंत प्रभाव से अधिसूचित हो चुका है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
शंका समाधानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेबी फ़ूड में चीनी पर FSSAI ने क्या प्रस्ताव दिया है?
15 अक्टूबर 2026 के ड्राफ्ट संशोधन के अनुसार छह महीने तक के शिशुओं के आहार में सुक्रोज़ और फ्रक्टोज़ नहीं मिलाए जाएँगे।
क्या शिशु आहार में चीनी पर रोक लागू हो चुकी है?
नहीं। यह ड्राफ्ट है। अंतिम नियम से पहले FSSAI ने 60 दिन तक आपत्ति और सुझाव माँगे हैं।
यह किन विनियमों को बदलता है?
खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण हेतु खाद्य) विनियम, 2020 को, विनियम 3(6) के नीचे परंतुक जोड़कर।
यह नियम संविधान के किस प्रावधान से जुड़ा है?
अनुच्छेद 47 पोषण स्तर बढ़ाने और लोक स्वास्थ्य सुधारने को राज्य का प्राथमिक कर्तव्य बनाता है; अनुच्छेद 39(च) बच्चों के स्वस्थ विकास की रक्षा करता है।
क्या यह बड़े बच्चों के सीरियल पर भी लागू है?
ड्राफ्ट छह महीने तक के शिशुओं के खाने से जुड़ा है। बड़े शिशुओं और छोटे बच्चों का खाना विनियमों के दूसरे हिस्सों में आता है।
स्रोत और आगे की पढ़ाईहमने जिन स्रोतों की जाँच की
तथ्य 23 अक्टूबर 2026 को नीचे दी गई रिपोर्टों से जाँचे गए। ड्राफ्ट का सटीक पाठ FSSAI की वेबसाइट पर पढ़ें।
- Business Today: FSSAI moves to ban added sugar for infants under 6 months (17 Oct 2026)
- Deccan Chronicle: FSSAI notifies draft amendment to infant nutrition regulations
- Nutrition Insight: India's food safety watchdog proposes ban on added sugars in infant formula
- FSSAI: draft notifications and regulations
- Constitution of India (Legislative Department)